
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक सोशल मीडिया वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। वीडियो में एक बुजुर्ग व्यक्ति को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी करते हुए देखा गया। यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और मामले को गंभीरता से लिया गया। पुलिस ने तुरंत इस वीडियो की जांच शुरू की और इसकी सत्यता और स्थान की पुष्टि के लिए विशेष टीम गठित की। मामला संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों की गरिमा से जुड़ा होने के कारण इसे अत्यंत संवेदनशील माना गया।
आरोपी की पहचान और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पुलिस जांच में आरोपी की पहचान देहली गेट क्षेत्र निवासी 70 वर्षीय एहसान के रूप में हुई है। मेरठ पुलिस क्षेत्राधिकारी कोतवाली नवीन शुक्ला के अनुसार 29 मई को यह वीडियो संज्ञान में आया था और इसके तुरंत बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। पुलिस टीम ने तकनीकी जांच और स्थानीय सूचना के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सोशल मीडिया पर निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है।

पूछताछ में सामने आया प्रारंभिक बयान
पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने आवेश में आकर यह टिप्पणी की थी। हालांकि पुलिस इस बयान की विस्तृत जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इसके पीछे कोई और प्रेरणा या कारण तो नहीं था। घटना 28 मई को ईद उल अजहा यानी बकरीद के अवसर पर रेलवे रोड स्थित ईदगाह के बाहर हुई बताई जा रही है। वहीं इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो किसी व्यक्ति द्वारा रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया गया जिसके बाद यह तेजी से फैल गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि वीडियो रिकॉर्ड करने और वायरल करने में किन लोगों की भूमिका रही है।
सामाजिक सौहार्द और प्रशासन की अपील
पुलिस ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा और आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायिक आदेशों के अनुसार होगी। प्रशासन ने इस घटना के बाद लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ आपत्तिजनक या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री साझा न करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसी गतिविधियां न केवल कानून का उल्लंघन हैं बल्कि सामाजिक शांति के लिए भी खतरा पैदा करती हैं। पुलिस ने यह भी कहा है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली अफवाहों और भड़काऊ वीडियो पर सख्त नजर रखी जा रही है और भविष्य में ऐसे मामलों में और तेज कार्रवाई की जाएगी।
