बिहार के मरीन इंजीनियर रोहन कुमार की विदेश में मौत, मिसाइल हमले के दावे पर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच बिहार के गोपालगंज जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। गोपालगंज के थावे प्रखंड स्थित विदेशी टोला निवासी मरीन इंजीनियर रोहन कुमार उर्फ सोनू गुप्ता की विदेश में ड्यूटी के दौरान मौत हो गई। इस खबर के बाद परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। हालांकि, परिवार का दावा है कि रोहन की मौत ईरानी मिसाइल हमले में हुई, लेकिन इस दावे की अभी तक संबंधित एजेंसियों या आधिकारिक स्रोतों ने पुष्टि नहीं की है।
परिवार ने क्या बताया?
रोहन के छोटे भाई आलोक कुमार के अनुसार, रोहन मर्चेंट नेवी में मरीन इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। परिवार का कहना है कि वह ADNOC से जुड़ी एक कंपनी में कार्यरत थे और ड्यूटी के दौरान उनका जहाज सऊदी अरब के समुद्री क्षेत्र में मौजूद था। परिजनों के मुताबिक, 14 जुलाई 2026 को कंपनी की ओर से पहले फोन कर बताया गया कि रोहन ईरानी मिसाइल हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। करीब एक घंटे बाद दूसरा फोन आया, जिसमें उनके निधन की सूचना दी गई। इस सूचना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

पार्थिव शरीर भारत लाने की मांग
रोहन की मौत की खबर फैलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोग उनके घर पहुंचने लगे। भाजपा के जिला अध्यक्ष संदीप कुमार गिरी (मंटू गिरी) ने शोक व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से रोहन का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाने और परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। पूरे थावे क्षेत्र में इस घटना को लेकर शोक का माहौल है।
मौत के कारण पर आधिकारिक पुष्टि नहीं
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि रोहन कुमार की मौत किन परिस्थितियों में हुई। परिवार ने इसे ईरानी मिसाइल हमले से जोड़कर बताया है, लेकिन इस दावे की किसी सरकारी एजेंसी, भारतीय दूतावास या संबंधित कंपनी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मौत के वास्तविक कारण को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
