
दिल्ली के द्वारका इलाके में मिली अज्ञात शव की गुत्थी आखिरकार दिल्ली पुलिस ने सुलझा ली है। 12 जुलाई को द्वारका सेक्टर-18ए स्थित कारगिल चौक के पास सड़क और नाले के बीच घास में एक सड़ी-गली लाश बरामद हुई थी। शव के सिर पर गहरे चोट के निशान थे और शरीर पर कुछ टैटू बने हुए थे, लेकिन पहचान से जुड़े कोई दस्तावेज नहीं मिलने के कारण मृतक की पहचान नहीं हो सकी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
500 CCTV कैमरों की जांच के बाद मिला सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक पुलिस आयुक्त सुभाष मलिक के नेतृत्व में स्पेशल स्टाफ और द्वारका नॉर्थ थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे करीब 500 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी जांच और फुटेज के विश्लेषण के बाद मृतक की पहचान 38 वर्षीय अखिलेश मंडल, निवासी नजफगढ़, के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने दो आरोपियों अनिल ठाकुर (66) और राजू कुमार (28) को गिरफ्तार कर लिया।

मकान बेचने के विवाद में रची गई हत्या की साजिश
पूछताछ में मुख्य आरोपी अनिल ठाकुर ने बताया कि अखिलेश उसके घर में रह रहा था और शराब की लत के कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। हाल ही में अनिल ने अपना मकान बेचने का फैसला किया, जिसका अखिलेश लगातार विरोध कर रहा था। इसी विवाद से परेशान होकर अनिल ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। 10 जुलाई को उसने बहाने से अखिलेश को द्वारका सेक्टर-13 बुलाया और साथी राजू कुमार के साथ सुनसान जगह ले जाकर हथौड़े से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद परिवार को करता रहा गुमराह
वारदात के बाद दोनों आरोपी नजफगढ़ के धर्मपुरा इलाके में फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, अनिल ठाकुर मृतक के परिवार को पहले से जानता था। यही वजह रही कि हत्या के बाद भी वह लगातार परिवार के संपर्क में रहा और उन्हें गुमराह करता रहा। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हथौड़ा, वारदात के समय पहने गए कपड़े और मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।
