दिल्ली हाट में शुरू हुई ‘Weave The Future 4.0’, टिकाऊ टेक्सटाइल और सर्कुलर फैशन का अनोखा संगम

भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय के डेवलपमेंट कमिश्नर (हैंडलूम) द्वारा नई दिल्ली के दिल्ली हाट, आईएनए में ‘Weave The Future 4.0’ प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। इस विशेष आयोजन का उद्घाटन केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने किया। प्रदर्शनी का उद्देश्य भारत की समृद्ध हस्तशिल्प और हैंडलूम परंपरा को सस्टेनेबल (टिकाऊ) और सर्कुलर टेक्सटाइल की अवधारणा से जोड़ना है। इस वर्ष के संस्करण में 100 से अधिक ब्रांड, कारीगर, निर्माता, रीसाइक्लर, थ्रिफ्ट कलेक्टिव और इनोवेटर भाग ले रहे हैं।
सर्कुलर इकोनॉमी और टिकाऊ विकास पर विशेष जोर
प्रदर्शनी के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि बढ़ती टेक्सटाइल खपत के बीच सर्कुलर इकोनॉमी को मजबूत करना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अपसाइक्लिंग, रीसाइक्लिंग, मरम्मत और पुनः उपयोग जैसे उपाय न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करेंगे बल्कि रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत टिकाऊ टेक्सटाइल क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

17 जुलाई तक चलेगी प्रदर्शनी, कई आकर्षण होंगे शामिल
12 से 17 जुलाई 2026 तक चलने वाली इस छह दिवसीय प्रदर्शनी में देशभर से आए प्रतिभागी अपसाइक्लिंग, रीसाइक्लिंग, रिपेयर, रीपरपजिंग और सर्कुलर डिजाइन से जुड़े नवाचार प्रस्तुत कर रहे हैं। आगंतुक यहां इंटरैक्टिव इंस्टॉलेशन, टेक्सटाइल वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल, सस्टेनेबल फैशन प्रदर्शनी, वर्कशॉप, लाइव डेमो और विशेषज्ञों के ज्ञानवर्धक सत्रों का अनुभव ले सकेंगे।
कारीगरों, स्टार्टअप्स और युवाओं के लिए बड़ा मंच
डेवलपमेंट कमिश्नर (हैंडलूम) डॉ. एम. बीना ने कहा कि Weave The Future अब एक राष्ट्रीय मंच बन चुका है, जो भारत की हैंडलूम और हस्तशिल्प विरासत को आधुनिक इनोवेशन और टेक्सटाइल वेस्ट मैनेजमेंट से जोड़ता है। इस आयोजन में कारीगरों, डिजाइनरों, छात्रों, स्टार्टअप्स और रीसाइक्लिंग कंपनियों की सक्रिय भागीदारी भारत में सस्टेनेबल फैशन और रिसोर्स एफिशिएंसी के बढ़ते महत्व को दर्शाती है।
