
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के संभावित गठबंधन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सपा नेता उदयवीर सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि गठबंधन की चर्चा सबसे ज्यादा समाजवादी पार्टी ही करती है। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा को मिली 37 सीटों में गठबंधन की अहम भूमिका रही, जबकि 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी 120 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी थी।
‘मैं राहुल और प्रियंका गांधी की वजह से चुनाव जीता’
इमरान मसूद ने कहा कि उनकी जीत का श्रेय राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व को जाता है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने गठबंधन के बावजूद समाजवादी पार्टी के लिए कोई चुनावी रैली नहीं की थी। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ऐसे नेताओं को स्वीकार नहीं कर पाती जो स्वतंत्र रूप से अपनी बात रखते हैं, और ऐसे नेताओं को अब कांग्रेस में जगह मिल रही है।

राम मंदिर चंदा मामले पर भी उठाए सवाल
राम मंदिर चढ़ावा और कथित वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर बोलते हुए इमरान मसूद ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में SIT सक्रिय होती, तो पहले एफआईआर दर्ज कराने की आवश्यकता क्यों पड़ती। उन्होंने यह भी कहा कि देश में शिक्षा और अन्य जनहित के कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
क्या था उदयवीर सिंह का बयान?
दरअसल, समाजवादी पार्टी के नेता उदयवीर सिंह ने हाल ही में कहा था कि इमरान मसूद सपा संगठन के नेता नहीं हैं और INDIA गठबंधन से जुड़े फैसले दोनों दलों के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं। पिछले कुछ महीनों से दोनों नेताओं के बीच गठबंधन और राजनीतिक रणनीति को लेकर लगातार बयानबाजी देखने को मिल रही है। आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र इन बयानों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
