
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। शनिवार (11 जुलाई) को उन्होंने कई वाहन मालिकों और कार मैकेनिकों से मुलाकात कर उनके अनुभव सुने। केजरीवाल का दावा है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद कई वाहनों में तकनीकी समस्याएं बढ़ी हैं, माइलेज कम हुआ है और मरम्मत का खर्च पहले की तुलना में अधिक हो गया है।
सोशल मीडिया पर साझा किया वीडियो
केजरीवाल ने इस मुलाकात का वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते हुए कहा कि कई वर्कशॉप में E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने वाली गाड़ियों की संख्या बढ़ रही है। उनके अनुसार, मैकेनिकों ने बताया कि ऐसी गाड़ियां तकनीकी खराबी के कारण लगातार सर्विस सेंटर पहुंच रही हैं। वहीं कुछ वाहन मालिकों ने दावा किया कि पहले के मुकाबले उनकी गाड़ियों का माइलेज कम हो गया है, जिससे ईंधन पर खर्च बढ़ गया है।

मोदी सरकार से नीति की समीक्षा की मांग
वीडियो साझा करते हुए केजरीवाल ने कहा कि सरकार को टीवी इंटरव्यू और प्रेस कॉन्फ्रेंस के बजाय जमीनी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि E20 नीति आम लोगों, खासकर मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि लोगों पर E20 पेट्रोल थोपने के बजाय इस नीति की समीक्षा की जाए और आम जनता की परेशानियों को गंभीरता से सुना जाए।
विशेषज्ञों और वाहन कंपनियों से चर्चा की सलाह
केजरीवाल ने कहा कि यदि किसी सरकारी नीति से जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है तो उसकी व्यापक समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार इस विषय पर वाहन निर्माता कंपनियों, तकनीकी विशेषज्ञों, मैकेनिकों और उपभोक्ताओं के साथ खुली चर्चा करे। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच कम माइलेज और अधिक मेंटेनेंस लागत मध्यम वर्ग के लिए नई चुनौती बनती जा रही है।
