
पंजाब के मोरिंडा नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर चुनाव प्रक्रिया में धांधली और लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और हस्तक्षेप की मांग की। राज्यपाल से मुलाकात के बाद ढिल्लों ने कहा कि पंजाब के इतिहास में इस तरह की चुनावी अनियमितता पहले कभी नहीं देखी गई।
‘दिनदहाड़े चुनाव हाईजैक किया गया’
केवल सिंह ढिल्लों ने आरोप लगाया कि जिन वार्डों में बीजेपी के पास बहुमत था, वहां सरकार समर्थित लोगों को जबरन अंदर भेजकर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। उनका दावा है कि दरवाजे बंद कर अपने समर्थित उम्मीदवारों को विजेता घोषित कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी उम्मीदवारों के वैध नामांकन पत्र तक खारिज कर दिए गए और चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष तरीके से नहीं होने दिया गया। ढिल्लों के अनुसार, यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है।

चरणजीत सिंह चन्नी ने भी उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने भी मोरिंडा नगर निगम चुनाव पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दावा किया कि 15 में से 12 सीटों पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की जीत हुई थी, लेकिन मतदान के दौरान पुलिस ने कांग्रेस पार्षदों को वोट डालने से रोका और बल प्रयोग किया। चन्नी का आरोप है कि बाद में एक निर्दलीय उम्मीदवार को विजेता घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस पूरे मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती देगी।
चुनावी विवाद से गरमाई पंजाब की राजनीति
मोरिंडा नगर निगम चुनाव को लेकर उठे इस विवाद ने पंजाब की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं, जबकि आम आदमी पार्टी की ओर से अभी तक इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की निगाहें राज्यपाल के रुख और संभावित न्यायिक कार्रवाई पर टिकी हैं, क्योंकि यह मामला आने वाले समय में राज्य की राजनीति पर बड़ा असर डाल सकता है।
