राज्यराजनीति

बांकीपुर उपचुनाव: बीजेपी ने नीरज कुमार सिन्हा पर लगाया दांव, प्रशांत किशोर से होगी सीधी टक्कर

बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया उम्मीदवार घोषित किया है। इससे पहले पार्टी ने अभिषेक कुमार बंटी को टिकट दिया था, लेकिन उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे नीरज कुमार सिन्हा पर भरोसा जताया। अब उनका मुकाबला जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर से होगा, जिससे यह चुनाव राज्य का सबसे चर्चित मुकाबला बन गया है।

कौन हैं नीरज कुमार सिन्हा?

पटना निवासी नीरज कुमार सिन्हा पिछले लगभग 20 वर्षों से बीजेपी संगठन में सक्रिय हैं। वर्ष 2006 में उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ली और बूथ प्रमुख से लेकर मंडल महामंत्री तक की जिम्मेदारियां निभाईं। वे भारतीय जनता युवा मोर्चा में जिला उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। वर्तमान में वे नरेंद्र भारती मंडल के अध्यक्ष हैं। उनका परिवार भी लंबे समय से जनसंघ और बीजेपी की विचारधारा से जुड़ा रहा है। उनके चाचा नरेंद्र भारती जनसंघ के कार्यकर्ता रहे हैं। संगठन में उनकी सक्रियता और जमीनी पकड़ को देखते हुए पार्टी ने उन्हें चुनावी मैदान में उतारा है।

बांकीपुर उपचुनाव: बीजेपी ने नीरज कुमार सिन्हा पर लगाया दांव, प्रशांत किशोर से होगी सीधी टक्कर

प्रशांत किशोर से होगा दिलचस्प मुकाबला

बांकीपुर सीट पर जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर भी चुनाव लड़ रहे हैं। चुनावी रणनीतिकार के रूप में पहचान रखने वाले प्रशांत किशोर पहली बार इस सीट से सीधे चुनावी मैदान में हैं। ऐसे में यह मुकाबला सिर्फ दो उम्मीदवारों के बीच नहीं, बल्कि संगठन बनाम नई राजनीतिक सोच की लड़ाई के रूप में भी देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस सीट पर टिकी हुई है क्योंकि इसके नतीजे बिहार की आगामी राजनीति को भी प्रभावित कर सकते हैं।

बीजेपी ने क्यों बदला अपना उम्मीदवार?

सूत्रों के अनुसार, अभिषेक कुमार के नामांकन वापस लेने के पीछे सिर्फ व्यक्तिगत कारण नहीं थे। उनके पिता रविंद्र प्रसाद का नाम चर्चित चारा घोटाला मामलों में सामने आया था। सीबीआई की विशेष अदालत ने वर्ष 2022 में डोरंडा कोषागार मामले में रविंद्र प्रसाद को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। इससे पहले साहेबगंज कोषागार मामले में भी उन्हें और उनकी पत्नी चंचला सिन्हा को अदालत से सजा मिल चुकी थी। इन मामलों के सामने आने के बाद बीजेपी ने चुनावी नुकसान से बचने के लिए उम्मीदवार बदलने का फैसला किया और संगठन के पुराने कार्यकर्ता नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतार दिया।

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