
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दौरे के दौरान बड़ा प्रशासनिक और सांस्कृतिक फैसला लेते हुए दो नगर पंचायतों के नाम बदलने की घोषणा की। सोहावल विकास खंड परिसर में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने 432 करोड़ रुपये की लागत वाली 217 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसी दौरान उन्होंने खिरौनी-सुचित्तागंज और भदरसा नगर पंचायतों के नए नामों का ऐलान किया।
खिरौनी अब ‘मां ज्वाला जी’, भदरसा बना ‘भरतनगर-भरत कुंड’
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से खिरौनी-सुचित्तागंज नगर पंचायत का नाम मां ज्वाला जी के नाम पर रखने की मांग की जा रही थी। इस मांग को स्वीकार करते हुए अब इस नगर पंचायत को ‘मां ज्वाला जी नगर पंचायत’ के नाम से जाना जाएगा। वहीं भदरसा नगर पंचायत का नाम बदलकर ‘भरतनगर-भरत कुंड नगर पंचायत’ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला भगवान श्रीराम के छोटे भाई भरत के त्याग, समर्पण और आदर्शों को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया है।

भरत के त्याग को बताया प्रेरणा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान भरत ने 14 वर्षों तक भरत कुंड के पास रहकर प्रभु श्रीराम की आज्ञा का पालन किया और उनकी चरण पादुकाओं के माध्यम से अयोध्या का शासन चलाया। उन्होंने कहा कि भरत जैसा भाई संसार में दुर्लभ है और अयोध्या का सौभाग्य है कि इस भूमि ने श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न जैसे आदर्श दिए। इसी विरासत को सम्मान देने के लिए भदरसा का नाम बदलकर भरतनगर-भरत कुंड किया गया है।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने समाजवादी पार्टी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या विश्वभर के श्रद्धालुओं का केंद्र बन चुकी है, लेकिन पूर्व में कुछ लोगों ने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने की कोशिश की थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वही लोग कभी किसी मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ आयोजित करा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को और मजबूत करने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है।
