
पटना की हाईप्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। एक ओर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) अपनी जीत का दावा कर रहा है, तो दूसरी ओर महागठबंधन भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट करने की अपील कर रहा है। बहुकोणीय मुकाबले के चलते यह चुनाव बिहार की राजनीति का केंद्र बन गया है।
चार प्रमुख उम्मीदवार मैदान में
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अभिषेक कुमार बंटी को उम्मीदवार बनाया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से रेखा कुमारी, जन सुराज की ओर से प्रशांत किशोर और तेज प्रताप यादव की पार्टी की ओर से वीणा मानवी चुनाव मैदान में हैं। कई प्रमुख चेहरों के उतरने से मुकाबला रोचक होने की संभावना है।
राजद ने विपक्षी एकता की अपील की
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि बांकीपुर सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन चुकी है। उनके अनुसार, नितिन नवीन के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने और राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद यह सीट खाली हुई है, इसलिए भाजपा इस चुनाव में पूरी ताकत लगा रही है।
उन्होंने विपक्षी दलों से एक साझा उम्मीदवार उतारने की अपील करते हुए कहा कि यदि सभी दल एकजुट होकर चुनाव लड़ें, तो भाजपा को कड़ी चुनौती दी जा सकती है। यह उनका राजनीतिक मत है।

एनडीए ने जताया जीत का भरोसा
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव चाहे जितना भी बहुकोणीय हो, जीत एनडीए की ही होगी। उन्होंने दावा किया कि केंद्र और बिहार सरकार के विकास कार्यों के कारण जनता का समर्थन एनडीए के साथ है।
कुशवाहा ने महागठबंधन पर आंतरिक मतभेदों का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष जनता के मुद्दों से अधिक आपसी खींचतान में उलझा हुआ है।
जीतन राम मांझी ने दिया भाजपा उम्मीदवार का समर्थन
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भाजपा उम्मीदवार अभिषेक कुमार बंटी के समर्थन में पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि “ज़मीनी कार्यकर्ता के आगे कोई नहीं टिकता” और उन्हें अग्रिम शुभकामनाएं दीं। यह उनका सार्वजनिक राजनीतिक समर्थन है।
बहुकोणीय मुकाबले से बढ़ी चुनौती
चार प्रमुख उम्मीदवारों के मैदान में होने से बांकीपुर उपचुनाव बहुकोणीय हो गया है। ऐसे में वोटों का बंटवारा चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकता है। सभी दल अब अपने-अपने उम्मीदवार के पक्ष में माहौल बनाने और मतदाताओं तक पहुंचने के लिए प्रचार अभियान तेज कर रहे हैं।
