राज्यराजनीति

पंजाब कांग्रेस में सुलह के संकेत! भूपेश बघेल के दौरे से पहले चन्नी-रंधावा समेत वरिष्ठ नेता आए एक मंच पर

पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ दिनों से चल रही गुटबाजी और बयानबाजी के बीच सोमवार को पार्टी में एकजुटता की तस्वीर सामने आई। कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश सिंह बघेल के चंडीगढ़ पहुंचने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, भारत भूषण आशु, परगट सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता एक मंच पर नजर आए। इसे कांग्रेस हाईकमान के उस सख्त संदेश का असर माना जा रहा है, जिसमें नेताओं को संगठनात्मक फैसलों पर सार्वजनिक बयानबाजी से बचने और मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

हाईकमान का स्पष्ट संदेश, संगठनात्मक फैसलों पर अंतिम निर्णय नेतृत्व का

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि सभी नेताओं की राय सुनी जाएगी, लेकिन संगठन से जुड़े फैसलों और नई नियुक्तियों पर अंतिम फैसला हाईकमान ही करेगा। इसी संदेश के साथ पंजाब प्रभारी भूपेश सिंह बघेल सोमवार शाम चंडीगढ़ पहुंचे हैं। वह अगले पांच दिनों तक प्रदेश में रहकर वरिष्ठ नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों से अलग-अलग बैठकें करेंगे तथा पार्टी की स्थिति और चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेंगे।

पंजाब कांग्रेस में सुलह के संकेत! भूपेश बघेल के दौरे से पहले चन्नी-रंधावा समेत वरिष्ठ नेता आए एक मंच पर

चन्नी गुट की नाराजगी के बाद बदले तेवर

गौरतलब है कि 3 जुलाई को मोरिंडा में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर खुलकर नाराजगी जताई थी। संगठन में व्यापक बदलाव की मांग के साथ हाईकमान द्वारा जारी नई संगठनात्मक सूची पर भी सवाल उठाए गए थे। इस घटनाक्रम के बाद पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खुलकर सामने आ गई थी। हालांकि अब वरिष्ठ नेताओं का एक मंच पर आना यह संकेत दे रहा है कि पार्टी नेतृत्व मतभेदों को सार्वजनिक होने से रोकने की कोशिश कर रहा है।

2027 विधानसभा चुनाव पर फोकस

विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में कैंपेन कमेटी के चेयरमैन चरणजीत सिंह चन्नी और कोर कमेटी के चेयरमैन सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अपनी टीम और वरिष्ठ नेताओं के साथ अहम बैठक की। बैठक में चुनावी रणनीति, संगठन विस्तार और आगामी कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई। कांग्रेस नेतृत्व की कोशिश है कि चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं और जनता के बीच एकजुटता का सकारात्मक संदेश जाए और पार्टी अंदरूनी विवादों से बाहर निकलकर चुनावी तैयारी पर पूरा ध्यान केंद्रित करे।

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