
बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर राज्य की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घमासान देखने को मिल रहा है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने राष्ट्रीय जनता दल से एक सीट की मांग रखकर राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे को अब पूरा किया जाना चाहिए। इस बयान के बाद महागठबंधन के भीतर तनाव और चर्चा दोनों तेज हो गई है और राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।
राज्यसभा चुनाव के पुराने वादे को लेकर नया विवाद
अख्तरुल ईमान ने याद दिलाया कि राज्यसभा चुनाव के समय उनके पांच विधायकों ने महागठबंधन के उम्मीदवार एडी सिंह को समर्थन दिया था। उस दौरान आरजेडी की ओर से यह भरोसा दिया गया था कि AIMIM को विधान परिषद की एक सीट दी जाएगी। अब ईमान का कहना है कि समय आ गया है कि उस वादे को पूरा किया जाए। इस मांग ने महागठबंधन के अंदर एक नई बहस को जन्म दे दिया है और राजनीतिक विश्वास पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आरजेडी ने साफ किया अपना चुनावी रुख
इस पूरे विवाद पर आरजेडी के नेता शक्ति यादव ने स्पष्ट बयान देते हुए कहा है कि पार्टी इस सीट पर अपना ही उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में उतरता है तो इस मुद्दे पर महागठबंधन के भीतर चर्चा की जाएगी। आरजेडी के इस सख्त रुख से यह संकेत मिल रहा है कि पार्टी किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है। इससे गठबंधन की एकता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना
विधान परिषद चुनाव के चलते बिहार की राजनीति में एक बार फिर नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं। मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे। कुल 10 सीटों पर चुनाव होना है जिसमें एक सीट पर उपचुनाव भी शामिल है। 243 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट जीतने के लिए 25 विधायकों का समर्थन जरूरी है। मौजूदा स्थिति में एनडीए के पास नौ सीटें और महागठबंधन केवल एक सीट जीतने की स्थिति में दिखाई दे रहा है। ऐसे में यह चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है।
