राज्यराजनीति

दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, फसल नुकसान पर मुआवजा 50 फीसदी बढ़ाया

दिल्ली में पिछले वर्ष भारी बारिश और जलभराव से प्रभावित किसानों के लिए सरकार ने बड़ा राहत फैसला लिया है। दिल्ली सरकार ने फसल नुकसान पर दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिली। इस निर्णय के बाद अब प्रभावित किसानों को पहले की तुलना में अधिक मुआवजा मिलेगा जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को संभालने में मदद मिलेगी।

फसल नुकसान पर बढ़ी हुई सहायता राशि लागू

सरकार के नए फैसले के अनुसार अगस्त और सितंबर 2025 में भारी बारिश और जलभराव से जिन किसानों की फसलें प्रभावित हुई थीं उन्हें अब 75 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से राहत राशि दी जाएगी। पहले यह सहायता 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रति एकड़ किसानों को लगभग 30 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। सरकार का कहना है कि यह कदम किसानों की बढ़ती जरूरतों और नुकसान की भरपाई के लिए जरूरी था।

दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, फसल नुकसान पर मुआवजा 50 फीसदी बढ़ाया

हजारों किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले वर्ष दिल्ली के विभिन्न कृषि क्षेत्रों में भारी बारिश और नालों के उफान के कारण लगभग 10 हजार किसान प्रभावित हुए थे। जलभराव की वजह से करीब 10,977 एकड़ कृषि भूमि की फसलें खराब हो गई थीं जो लगभग 4,442 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई थी। सरकार का दावा है कि नई मुआवजा दर लागू होने के बाद इन सभी किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके नुकसान की भरपाई काफी हद तक संभव हो सकेगी।

बढ़ती खेती लागत को देखते हुए लिया गया निर्णय

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पिछले कई वर्षों में खेती की लागत लगातार बढ़ी है। बीज खाद सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों पर बढ़ते खर्च के कारण किसानों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए राहत राशि में बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है। हालांकि सरकार ने यह भी साफ किया है कि यह योजना केवल प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के लिए है और कंपनियों की जमीन ग्राम सभा की भूमि या पक्के चारदीवारी वाले फार्म हाउस इस योजना के दायरे में शामिल नहीं होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button