
मध्य प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव सामने आया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य के मंत्री लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस ले लिया है। जारी गजट अधिसूचना के अनुसार अब पशुपालन विभाग सीधे मुख्यमंत्री के पास रहेगा, जबकि लखन पटेल के पास केवल आनंद विभाग की जिम्मेदारी रहेगी। सरकार की ओर से इस बदलाव के पीछे फिलहाल कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है।
सरकार ने नहीं बताया विभाग बदलने का कारण
गजट अधिसूचना जारी होने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि विभागों के पुनर्वितरण के संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में इस बदलाव के कारणों को लेकर अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कौन हैं लखन पटेल?
लखन पटेल मध्य प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने पहली बार 2013 के विधानसभा चुनाव में दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर पुष्पेंद्र सिंह हजारी को 7,315 मतों से हराया था। इसके बाद 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हें बहुजन समाज पार्टी की उम्मीदवार रामबाई गोविंद सिंह से 2,205 वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा।
2023 में की वापसी, फिर बने मंत्री
2023 के विधानसभा चुनाव में लखन पटेल ने एक बार फिर पथरिया सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और कांग्रेस उम्मीदवार राव ब्रजेंद्र सिंह को 18,159 वोटों के अंतर से हराकर विधानसभा पहुंचे। इसके बाद उन्हें राज्य सरकार में मंत्री बनाया गया और पशुपालन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब विभागों के नए पुनर्वितरण के तहत उनके पास केवल आनंद विभाग रहेगा, जबकि पशुपालन विभाग का कार्यभार मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं संभालेंगे।
