
21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सरकारी कार्यक्रम इस बार सिर्फ स्वास्थ्य और योग तक सीमित नहीं दिख रहे हैं। हरियाणा में इन आयोजनों ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। खासतौर पर कांग्रेस के उन पांच विधायकों को लेकर चर्चा तेज है, जिन्हें पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में कथित क्रॉस वोटिंग के आरोप में निलंबित कर रखा है।
सरकारी कार्यक्रमों में मिली प्रमुख जिम्मेदारी
हरियाणा सरकार ने योग दिवस समारोहों के लिए मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की ड्यूटी तय की है। दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस के निलंबित विधायक भी इस सूची में शामिल हैं। नारायणगढ़ से शैली चौधरी, सढ़ोरा से रेणुबाला, रतिया से जरनैल सिंह, पुन्हाना से मोहम्मद इलियास और हथीन से मोहम्मद इसराइल को उनके-अपने क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि या विशेष प्रतिनिधि के तौर पर जिम्मेदारी दी गई है।

दूसरी बार मिला सरकारी मंच
राज्यसभा चुनाव विवाद के बाद यह दूसरा बड़ा मौका है जब इन विधायकों को सरकारी कार्यक्रमों में प्रमुखता से शामिल किया गया है। इससे पहले भी स्वास्थ्य और विकास परियोजनाओं के उद्घाटन एवं लोकार्पण कार्यक्रमों में इन्हें विशेष अतिथि बनाया गया था। लगातार मिल रही इस अहमियत ने राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
राजनीतिक संदेशों की तलाश
राजनीति में प्रतीकों का महत्व हमेशा बड़ा होता है। ऐसे में सरकार द्वारा इन विधायकों को जिम्मेदारी सौंपना केवल प्रशासनिक फैसला नहीं माना जा रहा। विपक्ष और राजनीतिक पर्यवेक्षक इसके पीछे संभावित राजनीतिक संदेश तलाश रहे हैं। यह कदम भविष्य के राजनीतिक समीकरणों की ओर संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
प्रभाव वाले क्षेत्रों में जिम्मेदारी
इन सभी विधायकों को उन्हीं क्षेत्रों में जिम्मेदारी दी गई है जहां उनका मजबूत राजनीतिक प्रभाव माना जाता है। इससे कार्यक्रमों में स्थानीय भागीदारी बढ़ने की संभावना है। साथ ही यह निर्णय सरकार की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी कार्यक्रमों को अधिक प्रभावशाली बनाती है।
पंचकूला में होगा मुख्य आयोजन
राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम पंचकूला में आयोजित होगा। इसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता शामिल होंगी। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल करनाल, राव इंद्रजीत सिंह गुरुग्राम और कृष्ण पाल गुर्जर फरीदाबाद में कार्यक्रमों की अगुवाई करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उद्देश्य भले ही स्वास्थ्य और जागरूकता बढ़ाना हो, लेकिन हरियाणा में इस बार यह आयोजन राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बन गया है। कांग्रेस के निलंबित विधायकों को मिली प्रमुख भूमिका ने आने वाले दिनों की राजनीति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि योग दिवस के मंच से निकलने वाले ये संकेत भविष्य में किस दिशा में जाते हैं।
