
E20 फ्यूल नीति के विरोध में प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे आम आदमी पार्टी के नेताओं को दिल्ली पुलिस ने फिरोजशाह रोड पर रोक दिया। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए नीति को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए।
फिरोजशाह रोड पर रोका गया मार्च
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल E20 फ्यूल नीति के विरोध में प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने उन्हें और पार्टी नेताओं को फिरोजशाह रोड पर ही रोक दिया। इसके बाद मौके पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।
केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
मीडिया से बातचीत करते हुए अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में इथेनॉल मिश्रित ईंधन (E20) को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने दावा किया कि इस नीति से भारत के बजाय अमेरिका के किसानों को फायदा होगा। केजरीवाल ने यह भी कहा कि E20 नीति का लाखों लोगों ने विरोध किया है और सरकार को जनता की चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए।

‘यह फैसला सिर्फ मंत्रियों का नहीं’
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरे देश में E20 फ्यूल लागू करना केवल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी या हरदीप सिंह पुरी का फैसला नहीं हो सकता। उनके मुताबिक, यह प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिमंडल के स्तर पर लिया गया निर्णय है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह किसी भी बाहरी दबाव में आए बिना लोगों को शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध कराए।
AAP ने भी जताई नाराजगी
आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने भी E20 नीति का विरोध करते हुए कहा कि इससे करोड़ों वाहन मालिक प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर लोगों से संवाद करना चाहिए।
बहस का केंद्र बनी E20 नीति
E20 फ्यूल को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर सरकार इसे वैकल्पिक ईंधन और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में अहम कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसके प्रभाव और क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठा रहा है। ऐसे में यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बना रह सकता है।
