काला जठेड़ी को 7 घंटे की कस्टडी पेरोल, बेटियों की रस्म में होगा शामिल

गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी को दिल्ली की द्वारका जिला अदालत से कस्टडी पेरोल मिली है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ मलिक की अदालत ने उसे सात घंटे के लिए जेल से बाहर जाने की अनुमति दी। अदालत के आदेश के मुताबिक, यह पेरोल 20 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रभावी रहेगी।
सोनीपत के गांव जाएगा काला जठेड़ी
कस्टडी पेरोल के दौरान काला जठेड़ी को दिल्ली की केंद्रीय जेल से कड़ी पुलिस सुरक्षा में सोनीपत के जठेड़ी गांव ले जाया जाएगा। वह अपने घर पर परिवार और रिश्तेदारों से मुलाकात करेगा और जुड़वा बेटियों के जन्म के बाद आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होगा।
IVF से हुआ जुड़वा बेटियों का जन्म
काला जठेड़ी की पत्नी ने IVF के जरिए जुड़वा बेटियों को जन्म दिया है। बेटियों के जन्म के बाद परिवार में धार्मिक रस्मों का आयोजन किया जा रहा है। इसी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आरोपी की ओर से कस्टडी पेरोल की मांग की गई थी।
पुलिस सुरक्षा में होगी मुलाकात
अदालत ने पेरोल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिल्ली और हरियाणा पुलिस को आवश्यक निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में काला जठेड़ी अपने परिवार और रिश्तेदारों से मिल सकेगा। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस की रहेगी।
पेरोल का पूरा खर्च आरोपी उठाएगा
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कस्टडी पेरोल से जुड़े सभी खर्च काला जठेड़ी को स्वयं वहन करने होंगे। निर्धारित नियमों के अनुसार यह राशि जेल अधीक्षक के पास जमा करानी होगी। यानी पुलिस सुरक्षा और पेरोल से संबंधित खर्चों का आर्थिक भार आरोपी पर रहेगा।

पहले भी मिल चुकी है पेरोल
यह पहली बार नहीं है जब काला जठेड़ी को पारिवारिक कारणों से जेल से बाहर आने की अनुमति मिली है। जुलाई में उसे अपनी पत्नी और नवजात बेटियों से मिलने के लिए चार घंटे की अनुमति दी गई थी। इससे पहले मार्च 2024 में शादी के लिए भी उसे पेरोल मिली थी। रिपोर्टों के मुताबिक, उस दौरान उसने पेरोल की शर्तों का उल्लंघन नहीं किया था।
कई राज्यों में दर्ज हैं मामले
संदीप उर्फ काला जठेड़ी सोनीपत के जठेड़ी गांव का रहने वाला है। उसके खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में हत्या, फिरौती और जबरन वसूली समेत कई आपराधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं। ऐसे में अदालत द्वारा दी गई यह कस्टडी पेरोल कड़ी पुलिस निगरानी और निर्धारित शर्तों के साथ ही लागू होगी।काला जठेड़ी को मिली सात घंटे की कस्टडी पेरोल एक पारिवारिक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने तक सीमित है। अब 20 सितंबर को उसकी गांव में मौजूदगी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और अदालत की शर्तों का पालन प्रमुख रहेगा।
