
राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों ने सत्तारूढ़ बीजेपी और कांग्रेस के बीच जमीनी मुकाबले की नई तस्वीर सामने रख दी है। कांग्रेस ने कई बीजेपी गढ़ों में सेंध लगाई, जबकि जयपुर जैसे बड़े शहरों में बीजेपी बढ़त बनाए हुए है। निर्दलीय भी कई जगह निर्णायक भूमिका में हैं।
जयपुर में बीजेपी बहुमत के करीब
जयपुर नगर निगम में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। घोषित नतीजों में बीजेपी ने 68 वार्ड जीते, जबकि कांग्रेस के खाते में 48 सीटें आईं। अन्य उम्मीदवारों और दलों ने 14 वार्ड जीते।
बीजेपी बहुमत से आठ सीट दूर बताई जा रही है। हालांकि पार्टी को एक बड़ा झटका वार्ड 110 में लगा, जहां कांग्रेस की सुनीता मेठी ने पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल को हरा दिया। ज्योति कांग्रेस छोड़कर बीजेपी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरी थीं।
पायलट के गढ़ में कांग्रेस का दम
पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के प्रभाव वाले टोंक में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया। नगर परिषद के 59 निर्वाचित वार्डों में कांग्रेस को 32 सीटें मिलीं, जबकि बीजेपी 19 पर सिमट गई। आठ वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार जीते।
यह नतीजा पायलट के लिए अपने राजनीतिक आधार में पकड़ बनाए रखने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। बीकानेर में भी कांग्रेस बहुमत हासिल करने में सफल रही।

वसुंधरा राजे के इलाके में बीजेपी को झटका
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के मजबूत गढ़ माने जाने वाले झालावाड़ में कांग्रेस ने बड़ा उलटफेर किया। 45 वार्ड वाली नगर परिषद में कांग्रेस ने 29 सीटें जीतकर बोर्ड बनाने की स्थिति हासिल कर ली, जबकि बीजेपी को 13 सीटें मिलीं।
बारां में भी आम आदमी पार्टी ने चौंकाया। घोषित 25 नतीजों में AAP ने 16 वार्ड जीते, जबकि कांग्रेस को छह और बीजेपी को तीन सीटें मिलीं।
मदन राठौड़ के गढ़ में भी सेंध
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के गृह क्षेत्र पाली में कांग्रेस ने बढ़त बनाकर सत्तारूढ़ दल को बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। वहीं सीकर में कांग्रेस ने 65 में से 38 वार्ड जीतकर बोर्ड बनाने की स्थिति मजबूत की। बीजेपी को 22 सीटें मिलीं और चार पर निर्दलीय जीते।
अजमेर में भी कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के प्रभाव वाले क्षेत्र में सफलता हासिल की।
नोखा में लेफ्ट का मजबूत प्रदर्शन
नोखा नगर पालिका का परिणाम इस चुनाव का एक अलग रंग दिखाता है। CPI(M) ने 45 में से 29 वार्ड जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। बीजेपी को 13 और निर्दलीयों को तीन सीटें मिलीं।
राज्यभर में CPI(M) ने 192 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें करीब 40 के जीतने की जानकारी सामने आई है। 2024 लोकसभा चुनाव में सीकर से अमरा राम की जीत के बाद यह प्रदर्शन पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दो चरणों में हुआ था मतदान
राजस्थान के 309 नगर निकायों के 10,000 से अधिक वार्डों में चुनाव कराया गया। मतदान 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में हुआ। कुल 10,167 वार्डों के लिए मतदान हुआ, जबकि 77 वार्डों में उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए।
इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि राजस्थान की स्थानीय राजनीति में मुकाबला एकतरफा नहीं है। बीजेपी जहां जयपुर, उदयपुर और कोटा जैसे शहरों में बढ़त तलाश रही है, वहीं कांग्रेस ने कई राजनीतिक गढ़ों में सेंध लगाकर आने वाले चुनावों के लिए अपनी जमीन मजबूत करने का संकेत दिया है।
