
सोमवार, 14 सितंबर से दिल्ली में गणपति उत्सव का रंग और गहरा हो गया है। राजधानी के कई इलाकों में बड़े-बड़े पंडाल सज चुके हैं। बाजारों में गणेश प्रतिमाओं, फूल-मालाओं और पूजा सामग्री की खरीदारी के लिए भीड़ दिखाई दे रही है।
इस बार उत्सव सिर्फ धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है। कई पंडालों में देश और समाज से जुड़े संदेशों को भी जगह दी गई है।
पीतमपुरा में 2100 श्रद्धालुओं का शंखनाद
पीतमपुरा के डीडीए ग्राउंड में लाल बाग का राजा ट्रस्ट दिल्ली की ओर से 14 से 24 सितंबर तक 10वां गणपति पूजा महा महोत्सव आयोजित किया जा रहा है।
सोमवार शाम रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गणपति प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसी दौरान 2100 श्रद्धालु एक साथ शंखनाद कर रिकॉर्ड बनाने का प्रयास करेंगे। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
लक्ष्मी नगर में दिखेगा ‘विकसित भारत’
लक्ष्मी नगर के प्रियदर्शिनी विहार स्थित डीडीए मिनी क्रिकेट स्टेडियम में श्री गणेश सेवा मंडल 12 दिवसीय उत्सव आयोजित कर रहा है। सिल्वर जुबली के मौके पर इस बार थीम रखी गई है—‘विघ्नहर्ता से विकासकर्ता, 25 वर्ष की आस्था, 2047 विकसित आधुनिक भारत का संकल्प।’
पंडाल में गणपति प्रतिमा के साथ मेड इन इंडिया ड्रोन, ब्रह्मोस मिसाइल, सेमीकंडक्टर, 12 ज्योतिर्लिंग और केदारनाथ मंदिर की झलक दिखाई जाएगी।

25 सितंबर को होगा विसर्जन
इस वर्ष गणेश चतुर्थी 14 सितंबर और अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को है। इसी दिन गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार गणपति स्थापना और पूजा के लिए मध्याह्न काल विशेष माना जाता है। दिल्ली में स्थापना के लिए सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक का शुभ समय बताया गया है।
गणपति-रिद्धि सिद्धि का विवाह भी खास
वसुंधरा एन्क्लेव स्थित श्री संकटहर गणपति मंदिर का आयोजन अपनी अनोखी परंपरा के लिए खास है। यहां गणपति बप्पा का विवाह देवी रिद्धि-सिद्धि के साथ पारंपरिक रीति-रिवाज से कराया जाता है।
यह परंपरा वर्ष 2005 से चली आ रही है। गणेश चतुर्थी से पहले बारात निकलती है और करीब सात दिनों तक हवन-पूजन के साथ हल्दी, मेहंदी और संगीत जैसी रस्में होती हैं।
आरके पुरम, कीर्ति नगर, उत्तम नगर, नेताजी सुभाष प्लेस और पूर्वी दिल्ली के कई हिस्सों में भी पंडाल सजाए गए हैं। सुरक्षा के लिए CCTV और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है।
