नारनौल में हेड कांस्टेबल पर नशा बेचने का आरोप, शराब की पुष्टि के बाद सस्पेंड

हरियाणा के नारनौल में पुलिसकर्मी पर नशीला पदार्थ बेचने के आरोप के बाद देर रात थाने का घेराव हुआ। पुलिस ने मेडिकल कराया, जिसमें शराब सेवन की पुष्टि हुई। नशीले पदार्थों की बिक्री के आरोपों की जांच जारी है, जबकि विभाग ने हेड कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है।
थाने के बाहर हुआ हंगामा
नारनौल शहर थाना में मंगलवार 15 सितंबर की रात उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब कुछ लोगों ने एक पुलिसकर्मी पर शराब के नशे में रहने और कथित तौर पर नशीला पदार्थ बेचने के आरोप लगाए।
लोग पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए थाने के बाहर जमा हो गए। करीब 40 मिनट तक थाने के बाहर हंगामा चलता रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर संबंधित पुलिसकर्मी का मेडिकल कराया गया।
मेडिकल में शराब सेवन की पुष्टि
पुलिस के मुताबिक, मेडिकल जांच में बुधवार 16 सितंबर को हेड कांस्टेबल के शराब सेवन की पुष्टि हुई। हालांकि, अन्य नशीले पदार्थों के सेवन की जांच के लिए भी सैंपल लिए गए हैं।
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नशा बेचने के आरोपों की भी जांच
हेड कांस्टेबल पर सिर्फ नशा करने का ही नहीं, बल्कि नशीले पदार्थों की बिक्री करने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस आरोप की अलग से जांच की जा रही है।
डीएसपी भारत भूषण के अनुसार, फिलहाल नशीले पदार्थों की बिक्री से जुड़े आरोपों के समर्थन में कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आया है। इसके बावजूद मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की गई है।
कमेटी गठित कर पुलिसकर्मी सस्पेंड
पुलिस विभाग ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की है। जांच के दौरान हेड कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
विभागीय कार्रवाई का यह कदम मेडिकल रिपोर्ट में शराब सेवन की पुष्टि और पुलिसकर्मी पर लगाए गए अन्य आरोपों की गंभीरता के बीच उठाया गया है। नशीला पदार्थ बेचने का आरोप अभी जांच के दायरे में है।
तरफदारी करने वाले SHO का भी तबादला
मामले में उस SHO को भी बदले जाने की बात सामने आई है, जिस पर आरोपी हेड कांस्टेबल की तरफदारी करने का आरोप लगाया गया था।
SHO के तबादले के बाद मामले की जांच और पुलिस विभाग की कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है। विभागीय स्तर पर यह देखा जा रहा है कि पूरे मामले में पुलिसकर्मी और संबंधित अधिकारियों की भूमिका क्या रही।
डीएसपी ने बताई जीरो टॉलरेंस नीति
डीएसपी भारत भूषण ने कहा कि महेंद्रगढ़ पुलिस नशीले पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उनका कहना है कि पुलिस कर्मचारी हो या आम नागरिक, नशीले पदार्थों की सप्लाई में संलिप्त पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिले में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल मामले में दो अलग-अलग पहलुओं की जांच चल रही है। मेडिकल रिपोर्ट में शराब सेवन की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अन्य नशीले पदार्थों के सेवन और नशीला पदार्थ बेचने के आरोपों पर जांच जारी है।
ऐसे में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर तय होगी। नशीला पदार्थ बेचने का आरोप फिलहाल सिद्ध नहीं हुआ है।
नारनौल में हेड कांस्टेबल पर लगे नशीला पदार्थ बेचने के आरोप ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। मेडिकल में शराब सेवन की पुष्टि के बाद पुलिसकर्मी को सस्पेंड किया गया है, जबकि नशे की बिक्री से जुड़े आरोपों की जांच जारी है। अब जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि इन आरोपों में आगे क्या कार्रवाई होती है।
