
राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी को मेघालय हाई कोर्ट से मिली जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। गुरुवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मामले का उल्लेख करते हुए इसे गंभीर बताते हुए जल्द सुनवाई की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई शुक्रवार को तय कर दी है।
मेघालय सरकार ने जमानत का किया विरोध
मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में दलील दी कि यह एक गंभीर हत्या का मामला है। उन्होंने कहा कि आरोपी पर अपने पति को मेघालय ले जाकर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हत्या करने और शव को खाई में फेंकने का आरोप है। सरकार का कहना है कि पहले दो बार जमानत इस आधार पर खारिज हुई थी कि आरोपी के फरार होने की आशंका है, लेकिन बाद में गिरफ्तारी प्रक्रिया में कथित तकनीकी त्रुटि के आधार पर जमानत दे दी गई।
फरार होने की आशंका का भी दिया हवाला
सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सोनम रघुवंशी के फरार होने की आशंका बनी हुई है। इसी वजह से उन्होंने मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया। सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को ही मामले पर सुनवाई करने की सहमति दे दी।

क्या है पूरा मामला?
इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी पिछले वर्ष मई में सोनम रघुवंशी से हुई थी। शादी के बाद दोनों हनीमून के लिए मेघालय गए थे। वहां राजा रघुवंशी लापता हो गए और बाद में उनका शव शिलांग के पास वेई सावडोंग झरने के निकट एक गहरी खाई से बरामद हुआ। पुलिस जांच में आरोप लगा कि सोनम रघुवंशी और उसके कथित साथी राज कुशवाहा ने हत्या की साजिश रची थी। इस मामले में पुलिस ने सोनम सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। फिलहाल मामले की सुनवाई न्यायालय में लंबित है और अंतिम फैसला आना बाकी है।
