राज्यराजनीति

पंजाब चुनाव 2027: कांग्रेस की बड़ी बैठक, भूपेश बघेल करेंगे रणनीति पर मंथन

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने नई दिल्ली में प्रदेश चुनाव समिति की अहम बैठक बुलाई है, जिसमें चुनावी रणनीति, संगठन की मजबूती और नेताओं के बीच बेहतर समन्वय पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।

दिल्ली में होगी कांग्रेस की अहम बैठक

पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रदेश चुनाव समिति की बैठक बुलाई है। इस बैठक में चुनाव समिति के सभी सदस्यों के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री, सांसदों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।

चुनावी रणनीति पर होगा मंथन

सूत्रों के अनुसार बैठक में बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने, चुनावी अभियान की रूपरेखा तैयार करने और आगामी कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा होगी। कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि चुनाव से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाए ताकि चुनावी मुकाबले में पार्टी मजबूती के साथ उतर सके।

पंजाब चुनाव 2027: कांग्रेस की बड़ी बैठक, भूपेश बघेल करेंगे रणनीति पर मंथन

चन्नी और वड़िंग विवाद भी रहेगा चर्चा में

पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को हाल ही में पंजाब प्रदेश चुनाव समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। शुरुआत में उन्होंने इस जिम्मेदारी को स्वीकार करने में अनिच्छा दिखाई थी। बताया गया कि उनके समर्थक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद पर बनाए रखने के फैसले से नाराज थे और नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहे थे।

हाईकमान ने दिया एकजुटता का संदेश

दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता विपक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के साथ हुई बैठकों के बाद पार्टी हाईकमान ने स्पष्ट कर दिया कि प्रदेश अध्यक्ष के पद पर कोई बदलाव नहीं होगा। इसके बाद चन्नी गुट ने सार्वजनिक रूप से पार्टी के फैसले को स्वीकार किया और संगठन के साथ मिलकर काम करने की बात कही।

बैठक पर टिकी राजनीतिक नजर

मंगलवार की बैठक पर राजनीतिक हलकों की खास नजर रहेगी। विशेष रूप से यह देखा जाएगा कि चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक कितनी सक्रियता से बैठक में भाग लेते हैं। पार्टी नेतृत्व का लक्ष्य आंतरिक मतभेदों को पीछे छोड़कर विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को पूरी तरह एकजुट करना है।

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और नेताओं के बीच समन्वय बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। दिल्ली में होने वाली यह बैठक पार्टी की चुनावी रणनीति तय करने के साथ-साथ संगठनात्मक एकजुटता की परीक्षा भी मानी जा रही है।

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