
सुप्रीम कोर्ट की वकील अमिता सचदेवा ने नाबालिग एक्टिविस्ट निशु आजाद के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दी है। शिकायत में हिंदू देवी-देवताओं से जुड़े कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पोस्ट हटाने का मौका दिए जाने के बावजूद संबंधित सामग्री अभी भी सार्वजनिक है।
भगवान शिव और श्रीकृष्ण से जुड़े पोस्ट का आरोप
शिकायत के मुताबिक, निशु आजाद के सोशल मीडिया अकाउंट पर भगवान शिव, श्रीकृष्ण, मां सरस्वती और मां दुर्गा से जुड़े कुछ कथित आपत्तिजनक पोस्ट किए गए थे।
अमिता सचदेवा का दावा है कि कानूनी कार्रवाई की मांग करने से पहले निशु और उसके पिता या अभिभावक को संबंधित पोस्ट हटाने का अवसर दिया गया था। उनका कहना है कि निशु नाबालिग है, इसलिए पहले समझाने और सामग्री हटाने का रास्ता अपनाया गया।
पोस्ट नहीं हटाने पर पुलिस से कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता के मुताबिक, कथित पोस्ट अब तक डिलीट नहीं किए गए हैं और सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। इसके बाद अमिता सचदेवा ने दिल्ली पुलिस से निशु आजाद और उसके पिता या अभिभावक के खिलाफ शिकायत दर्ज कर मामले की जांच करने की मांग की है।

हालांकि, पोस्ट की वास्तविक सामग्री, उनकी परिस्थितियां और उन पर लागू होने वाली कानूनी धाराओं का निर्धारण पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
‘अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर आस्था का अपमान नहीं’
अमिता सचदेवा ने कहा कि किसी व्यक्ति को धार्मिक मान्यताओं से असहमति जताने का अधिकार है, लेकिन उनके अनुसार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर देवी-देवताओं या किसी की धार्मिक आस्था का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री को लेकर कानून के तहत उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
निशु के पिता पर कथित हमले से पहले से विवाद
निशु आजाद का नाम पहले से ही दिल्ली के जंतर-मंतर से जुड़े एक विवाद को लेकर चर्चा में है। नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन के दौरान निशु के पिता पर कथित हमले का मामला सामने आया था।
इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज पर मारपीट के आरोप लगे हैं। घटना को लेकर CJP से लेकर कांग्रेस और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी तक की ओर से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
स्वतंत्र भारद्वाज पर SC-ST और POCSO धाराएं
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने पहले स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ SC-ST Act के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद लगातार विरोध और शिकायतों के बीच पुलिस ने मामले में POCSO Act की धाराएं भी जोड़ीं।
हालांकि, किसी आरोपी के खिलाफ दर्ज धाराएं अपने आप में आरोप साबित नहीं करतीं। मामले में आगे की कानूनी स्थिति जांच और अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
अब शिकायत की जांच पर नजर
निशु आजाद के खिलाफ धार्मिक पोस्ट से जुड़ी नई शिकायत ने पूरे विवाद को एक और दिशा दे दी है। फिलहाल शिकायतकर्ता ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है और कथित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर जांच की मांग की गई है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दिल्ली पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और संबंधित सोशल मीडिया सामग्री की जांच के बाद क्या कदम उठाती है।
