राज्यराजनीति

छिंदवाड़ा में जंगली हाथी की दहशत, दो ग्रामीण घायल; खेतों में फसल रौंदी

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जंगल से भटककर रिहाइशी इलाकों तक पहुंचे विशाल जंगली हाथी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। तामिया और जुन्नारदेव क्षेत्र में हाथी की लगातार आवाजाही के बीच वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

कोहरे और बारिश के बीच बस्तियों की ओर बढ़ रहा हाथी

छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा-कान्हा नेशनल पार्क क्षेत्र से भटककर एक जंगली हाथी तामिया और जुन्नारदेव (जामई) इलाके में पहुंच गया है। घना कोहरा, बारिश और कम दृश्यता के बीच हाथी लगातार जंगल से निकलकर खेतों और रिहाइशी इलाकों की तरफ बढ़ रहा है।

हाथी की मौजूदगी को लेकर आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को डर है कि अचानक सामना होने पर बड़ा हादसा हो सकता है।

वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

स्थिति को देखते हुए वन विभाग और स्थानीय प्रशासन अलर्ट है। प्रभावित गांवों में लगातार मुनादी कराकर लोगों को सावधान किया जा रहा है।

ग्रामीणों को जंगल और खेतों की तरफ अकेले नहीं जाने तथा हाथी दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे छेड़ने से बचने की सलाह दी गई है। वन विभाग की टीम हाथी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।

छिंदवाड़ा में जंगली हाथी की दहशत, दो ग्रामीण घायल; खेतों में फसल रौंदी

हाथी के हमले में दो ग्रामीण गंभीर घायल

हाथी की मौजूदगी अब तक दो ग्रामीणों के लिए खतरनाक साबित हो चुकी है। पहली घटना अमरवाड़ा के चिखली चनेरी गांव में हुई। यहां खेत में काम कर रहे किसान सुरेश कुमरे पर हाथी ने अचानक हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

दूसरी घटना बीजाढाना गांव की है। 60 वर्षीय चतुर्दशी पिता दसनलाल शीलू दोपहर के समय धुंध के बीच बैल चरा रहे थे। इसी दौरान हाथी ने उन्हें उठाकर दूर फेंक दिया। हादसे में उनके बाएं पैर में गंभीर चोट आई।

फॉरेस्ट कर्मी सोनू भलावी ने तत्काल मदद करते हुए घायल बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाने में सहायता की।

डेढ़ एकड़ फसल हाथी ने रौंद दी

हाथी सिर्फ लोगों के लिए खतरा नहीं बन रहा, बल्कि किसानों की मेहनत पर भी भारी पड़ रहा है। तामिया के कमडोरा निवासी किसान सतीश के खेत में घुसकर हाथी ने करीब डेढ़ एकड़ में खड़ी फसल को रौंद दिया।

फसल बर्बाद होने से किसान को आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी की लगातार आवाजाही से खेतों में काम करना भी मुश्किल हो गया है।

5 से 7 किलोमीटर क्षेत्र में बढ़ाई गई सतर्कता

पश्चिम वनमंडल अधिकारी साहिल गर्ग के अनुसार, हाथी की गतिविधियों को देखते हुए करीब 5 से 7 किलोमीटर के दायरे में सतर्कता बढ़ा दी गई है। वन विभाग हाथी की सटीक लोकेशन पर नजर रख रहा है और उसकी गतिविधियों के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है।

प्रशासन का प्रयास है कि हाथी को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर वापस भेजा जा सके।

प्रभावितों को मुआवजे का भरोसा

जुन्नारदेव एसडीएम राजनंदनी सिंह ने प्रभावित ग्रामीणों को नियमानुसार मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। नुकसान का आकलन और जांच पूरी होने के बाद पात्र लोगों को मुआवजा दिया जाएगा।

फिलहाल वन विभाग और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती हाथी को सुरक्षित तरीके से आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखना और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जब तक हाथी वापस जंगल की ओर नहीं लौटता, तब तक ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button