
मेंहनगर से पहली बार सपा विधायक चुनी गईं पूजा सरोज का कहना है कि जनता की मांग और जरूरत के मुताबिक क्षेत्र में लगातार विकास कार्य कराए गए हैं।
उनके मुताबिक, गांव-गांव में करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से सीसी सड़कें और करीब एक करोड़ रुपये से इंटरलॉकिंग का काम कराया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में खड़ंजा निर्माण के लिए करीब 36 लाख रुपये खर्च किए गए। रानीपुर रजमो में सीसी सड़क के अलावा सरदारगंज, देवरिया, खजुरा, बासुपुर समेत कई गांवों में जरूरत के अनुसार कार्य कराए जाने का दावा है।
मुख्य मार्गों पर करीब 90 लाख रुपये की लागत से गेट और सार्वजनिक स्थानों पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से हाईमास्ट लाइटें लगवाने की बात भी विधायक की ओर से कही गई है।
फिर भी सड़कें बनीं बड़ी परेशानी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, क्षेत्र में विकास कार्य हुए हैं, लेकिन मुख्यालय से ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाली कई सड़कों की हालत अब भी खराब है। कई स्थानों पर सड़कें टूट चुकी हैं और पटरियां तक गायब हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि मरम्मत के नाम पर कई जगह सिर्फ औपचारिकता पूरी होती दिखाई देती है। लोगों के लिए आवागमन की समस्या खासकर बारिश के मौसम में और बढ़ जाती है।
वहीं, विधायक का कहना है कि विपक्ष के विधायकों की मांगों को सरकार गंभीरता से नहीं लेती, जिसके कारण क्षेत्र के लिए प्रस्तावित कई बड़े कार्य आगे नहीं बढ़ पाए।

स्टेडियम और गर्ल्स कॉलेज की मांग अधूरी
मेंहनगर क्षेत्र के युवाओं के लिए स्टेडियम की कमी भी प्रमुख मुद्दों में शामिल है। स्थानीय स्तर पर युवाओं को खेल और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
विधायक पूजा सरोज के मुताबिक, विधानसभा में मेंहनगर मुख्यालय पर गर्ल्स कॉलेज और स्टेडियम की मांग उठाई गई है। इसके अलावा सिंहपुर सरैया और विरनैया में बड़े पुल, जियापुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और रानीपुर रजमो में फ्लाईओवर की मांग भी सदन में रखी गई।
विधायक का आरोप है कि इन मांगों पर सरकार की ओर से अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई।
CHC में डिजिटल जांच की सुविधा नहीं
स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय लोगों में नाराजगी है। मेंहनगर तहसील के इकलौते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में डिजिटल जांच की पर्याप्त सुविधा नहीं होने की बात सामने आई है।
लोगों का कहना है कि जरूरी जांच के लिए उन्हें निजी सेंटरों का रुख करना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
विधायक का दावा है कि उन्होंने सदन में CHC के लिए डिजिटल जांच मशीनों की मांग उठाई थी, लेकिन सरकार की ओर से इस पर ध्यान नहीं दिया गया।
किसानों की भी कई समस्याएं
क्षेत्र के किसानों की परेशानियां भी कम नहीं हैं। किसानों का कहना है कि सहकारी समितियों पर समय से खाद नहीं मिलती। सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने और रजवाहों में समय पर पानी न पहुंचने से फसलों की सिंचाई प्रभावित होती है।
रानीपुर रजमो से बिंद्राबाजार तक नाला निर्माण की मांग भी लंबे समय से उठाई जा रही है। इसका उद्देश्य बारिश या अतिरिक्त पानी के कारण खेतों में फसल डूबने की समस्या को कम करना बताया गया है।
भाजपा की मंजू सरोज ने साधा निशाना
2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा की रनरअप रहीं मंजू सरोज ने सपा विधायक पर जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि क्षेत्र की जनता अब भी कई समस्याओं से परेशान है और विकास की रफ्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं है।
मंजू सरोज ने दावा किया कि अधिकांश गांवों में सड़क निर्माण उनके प्रस्ताव पर हुआ है और वह लगातार जनता के बीच रहकर समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास करती हैं। उन्होंने विधायक पर क्षेत्र में पर्याप्त सक्रिय नहीं रहने का भी आरोप लगाया।
वहीं विधायक पूजा सरोज इन आरोपों को खारिज करते हुए अपने कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों और जनहित में दी गई चिकित्सा सहायता का हवाला देती हैं।
जनता की नजर में अभी बहुत कुछ बाकी
मेंहनगर के लोगों की राय में विधायक निधि से सड़क, नाली और रोशनी से जुड़े काम हुए हैं, लेकिन इससे क्षेत्र की सभी समस्याएं खत्म नहीं हुई हैं।
मेंहनगर के प्रधान जितेंद्र यादव का कहना है कि क्षेत्र में विकास कार्य लगातार हो रहे हैं, लेकिन स्टेडियम और सरकारी अस्पताल में डिजिटल जांच जैसी सुविधाओं की अभी भी जरूरत है।
व्यापारी विनोद विश्वकर्मा भी मानते हैं कि सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभी काफी काम होना बाकी है। उनका कहना है कि CHC में जांच की बेहतर सुविधा नहीं होने से मरीजों को निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ता है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने बसों के संचालन, बदहाल बस अड्डे, खाद की उपलब्धता और बिजली आपूर्ति को प्रमुख समस्याएं बताया।
सोलर सिस्टम से अधिवक्ताओं को राहत
विकास कार्यों के बीच कुछ ऐसे काम भी हैं जिनका स्थानीय स्तर पर सकारात्मक असर बताया जा रहा है। अधिवक्ता संघ भवन को सोलर ऊर्जा से जोड़ने के लिए करीब 17 लाख रुपये के सोलर पैनल सिस्टम की व्यवस्था विधायक निधि से किए जाने की बात सामने आई है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, ऐसे प्रयासों से बिजली कटौती के दौरान अधिवक्ताओं और वादकारियों को राहत मिली है।
विकास की तस्वीर अभी अधूरी
मेंहनगर की तस्वीर में एक तरफ विधायक निधि से हुए सड़क, नाली, रोशनी और अन्य विकास कार्य दिखाई देते हैं, तो दूसरी तरफ खराब सड़कें, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, परिवहन की समस्या, स्टेडियम का अभाव और किसानों की परेशानियां भी मौजूद हैं।
सियासी आरोप-प्रत्यारोप के बीच असली सवाल यही है कि क्षेत्र की लंबित बुनियादी जरूरतें कब पूरी होंगी। विधायक और विपक्ष दोनों अपने-अपने काम और दावों के साथ जनता के सामने हैं, लेकिन मेंहनगर के लोगों की उम्मीद अब भी बेहतर सड़क, इलाज, शिक्षा, परिवहन और सिंचाई जैसी सुविधाओं पर टिकी है।
