दरभंगा में दिव्यांगों और बुजुर्गों को जल्द मिलेंगे सहायक उपकरण, परीक्षण शिविर की प्रक्रिया पूरी

दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए जिले में तीन स्थानों पर परीक्षण शिविर लगाए गए थे।
बेनीपुर, बिरौल और दरभंगा के पोलो मैदान में आयोजित शिविरों में पहुंचने वाले लाभार्थियों की दिव्यांगता और उनकी व्यक्तिगत जरूरतों का परीक्षण किया गया। इसी आधार पर पात्र लोगों को चिह्नित किया गया है।
अब परीक्षण के बाद तैयार प्रक्रिया के आधार पर लाभार्थियों को जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
सांसद ने केंद्र सरकार के सामने उठाया था मुद्दा
दिव्यांगजनों और बुजुर्गों की जरूरतों को देखते हुए सांसद डा. गोपालजी ठाकुर ने इस विषय को केंद्र सरकार के सामने उठाया था।
उन्होंने नई दिल्ली में केंद्रीय दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री वीरेंद्र कुमार से मुलाकात कर दरभंगा में विशेष परीक्षण शिविर आयोजित कराने का आग्रह किया था। सांसद ने मांग रखी थी कि जिले के दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों की जरूरत का आकलन कर उन्हें उपयोगी सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।

मंत्री के निर्देश के बाद शुरू हुई प्रक्रिया
सांसद के आग्रह के बाद केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर संबंधित विभाग ने दरभंगा में परीक्षण शिविर आयोजित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
इसके बाद बेनीपुर, बिरौल और पोलो मैदान में शिविर आयोजित किए गए। परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब पात्र लाभार्थियों तक उपकरण पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
जरूरत के हिसाब से मिलेंगे अलग-अलग उपकरण
लाभार्थियों को उनकी शारीरिक जरूरत और परीक्षण के आधार पर अलग-अलग सहायक उपकरण दिए जाएंगे। इनमें व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र, बैसाखी, छड़ी और कृत्रिम अंग समेत अन्य जरूरी उपकरण शामिल हैं।
इन उपकरणों से दिव्यांगजनों को आवागमन में मदद मिलने के साथ वरिष्ठ नागरिकों को रोजमर्रा के कामकाज में भी सहूलियत मिल सकती है।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा कदम
सांसद डा. गोपालजी ठाकुर ने कहा कि दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को सम्मान के साथ आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
उनके अनुसार, जरूरत के मुताबिक सहायक उपकरण मिलने से लाभार्थियों को दैनिक गतिविधियों में आसानी होगी और कई मामलों में दूसरों पर उनकी निर्भरता भी कम हो सकेगी।
अब वितरण का इंतजार
परीक्षण शिविर पूरे होने के बाद अब संबंधित स्तर पर उपकरण उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है। ऐसे में शिविरों में शामिल पात्र दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को जल्द उपकरण मिलने की उम्मीद है।
व्हीलचेयर से लेकर श्रवण यंत्र और कृत्रिम अंग तक, ये उपकरण सिर्फ सुविधा का साधन नहीं हैं। कई लाभार्थियों के लिए ये घर से बाहर निकलने, काम करने और रोजमर्रा की जिंदगी को अधिक स्वतंत्र तरीके से जीने का जरिया भी बन सकते हैं।
