नरसिंहपुर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य पर नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप, POCSO केस के बाद गिरफ्तारी की मांग तेज

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य पर नाबालिग छात्रा से कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर POCSO एक्ट में केस दर्ज किया है, लेकिन गिरफ्तारी न होने से अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
प्राचार्य पर लगा गंभीर आरोप
नरसिंहपुर जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य पर एक नाबालिग छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ का आरोप लगा है। छात्रा ने अपने परिजनों के साथ महिला थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी थी।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी प्राचार्य के खिलाफ POCSO एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस अब छात्रा के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
करीब एक महीने पहले दी गई थी शिकायत
जानकारी के मुताबिक, छात्रा और उसके परिजन करीब एक महीने पहले महिला थाने पहुंचे थे। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्राथमिक जांच की और फिर मामला दर्ज किया।

हालांकि, FIR दर्ज होने के बावजूद आरोपी प्राचार्य की गिरफ्तारी नहीं होने से मामला अब सार्वजनिक विरोध का रूप ले चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल जैसे संस्थान में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
स्कूल के बाहर हुआ विरोध प्रदर्शन
रविवार को नवोदय विद्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस की महिला जिलाध्यक्ष सुनीता पटेल के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि नाबालिग छात्रा से जुड़े गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और आरोपी के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
अभिभावकों ने भी उठाए सवाल
प्रदर्शन में कुछ स्थानीय निवासी और अभिभावक भी शामिल हुए। उनका कहना है कि जब तक मामले में स्पष्ट कार्रवाई नहीं होती, तब तक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहेगी।
ऐसे मामलों में स्कूल प्रशासन की जवाबदेही भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अभिभावक चाहते हैं कि जांच निष्पक्ष हो और छात्राओं की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम तुरंत उठाए जाएं।
पुलिस ने जांच का दिया भरोसा
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामला दर्ज किया जा चुका है और कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है। पुलिस टीम साक्ष्य जुटाने और संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने में लगी है।
अधिकारी यह भी कह रहे हैं कि जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गिरफ्तारी को लेकर अंतिम निर्णय जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होना है।
POCSO मामलों में जांच की संवेदनशीलता जरूरी
नाबालिग से जुड़े यौन अपराध के मामलों में जांच बेहद संवेदनशील तरीके से करना जरूरी होता है। पीड़ित बच्चे की पहचान और निजता की रक्षा भी कानूनन महत्वपूर्ण है।
इस मामले में भी आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। इसलिए आरोप और सिद्ध अपराध के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।
अब कार्रवाई पर टिकी नजर
FIR दर्ज होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर उठे सवालों ने प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि जांच प्रक्रिया जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे कदम उठाया जाएगा।
स्कूल बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान होने चाहिए। इसलिए इस मामले में सबसे जरूरी है कि जांच निष्पक्ष, तेज और संवेदनशील तरीके से पूरी हो, ताकि पीड़ित पक्ष को न्याय मिले और विद्यालय में पढ़ने वाले अन्य बच्चों का भरोसा भी कायम रहे।
