पश्चिम चंपारण में गंडक के दबाव से चंपारण तटबंध क्षतिग्रस्त, चार टीमें मौके पर

बिहार के पश्चिम चंपारण में गंडक नदी के बढ़े जलदबाव के बीच चंपारण तटबंध दो स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, सोमवार रात बगहा के खैरतवा और बैरिया के फुलियाखाड़ में तटबंध प्रभावित हुआ। घटना के बाद विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर बचाव और तटबंध सुरक्षा से जुड़े काम में जुट गई हैं।
गंडक के दबाव में दो जगह टूटा तटबंध
जल संसाधन विभाग ने मंगलवार सुबह बताया कि पश्चिम चंपारण में गंडक नदी के बाएं तट पर बने चंपारण तटबंध को दो जगह नुकसान पहुंचा है। पहली जगह बगहा प्रखंड के खैरतवा गांव में और दूसरी जगह बैरिया प्रखंड के फुलियाखाड़ गांव में है।
बताया जा रहा है कि गंडक नदी में बढ़े जलस्राव और लगातार बने दबाव के कारण तटबंध यह दबाव नहीं झेल पाया। सोमवार रात करीब 10 बजे तटबंध टूटने की सूचना सामने आई। इसके बाद आसपास के इलाकों में पानी पहुंचने की स्थिति बनी।
कुशीनगर में भी तटबंध को नुकसान
गंडक नदी के बढ़े जलस्तर का असर पड़ोसी उत्तर प्रदेश में भी दिखाई दिया है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक कुशीनगर में गंडक नदी के दाएं तट पर बने तटबंध को भी एक स्थान पर नुकसान पहुंचा है।
बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर संबंधित विभाग लगातार नजर रख रहे हैं। दोनों राज्यों के निचले इलाकों में नदी के पानी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए प्रशासनिक सतर्कता बढ़ाई गई है।

5.43 लाख क्यूसेक से ज्यादा रहा जलस्राव
जल संसाधन विभाग के अनुसार सोमवार को वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से 5,43,500 क्यूसेक पानी का जलस्राव हुआ। यह पानी पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली के निचले इलाकों से होकर आगे बढ़ रहा है।
विभाग ने बताया कि वाल्मीकिनगर गंडक बराज पर जलस्राव करीब 13 घंटे तक 5 लाख क्यूसेक से अधिक रहा। वहीं लगभग 32 घंटे तक जलस्राव 4 लाख क्यूसेक से ज्यादा बना रहा। इतनी बड़ी मात्रा में पानी गुजरने के कारण नदी के तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है।
लगातार बारिश से पहले से बढ़ा था जलस्तर
26 और 27 सितंबर के बीच गंडक नदी से जुड़े बिहार के सीमावर्ती जिलों में अच्छी बारिश हुई थी। बारिश के कारण नदी का जलस्तर पहले से बढ़ा हुआ था। इसके बाद गंडक बराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से तटबंधों पर दबाव और बढ़ गया।
विभाग के मुताबिक फिलहाल अपस्ट्रीम में जलस्तर घटने और डाउनस्ट्रीम में बढ़ने की प्रवृत्ति देखी जा रही है। ऐसे में निचले इलाकों में पानी के प्रभाव को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है।
बगहा से गोपालगंज तक चार टीमें तैनात
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग के मुख्यालय से चार टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में भेजा गया है। कार्यपालक अभियंताओं की अध्यक्षता वाली इन टीमों को बगहा, बेतिया, मोतिहारी और गोपालगंज भेजा गया है।
क्षेत्रीय अभियंता और अन्य अधिकारी तटबंधों पर चल रहे बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों में लगे हुए हैं। विभाग की ओर से पहले से अतिरिक्त अभियंताओं की भी तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
अधिकारियों की लगातार निगरानी
जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तटबंधों और नदी के जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। प्रभावित स्थानों पर आवश्यक बचाव और सुरक्षा कार्य किए जा रहे हैं।
प्रशासन की प्राथमिकता तटबंध के क्षतिग्रस्त हिस्सों को नियंत्रित करना और आसपास के इलाकों में पानी के फैलाव को रोकना है। साथ ही नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पश्चिम चंपारण में गंडक नदी के बढ़े जलदबाव से चंपारण तटबंध के दो स्थानों पर क्षति के बाद प्रशासन और जल संसाधन विभाग सक्रिय हो गया है। भारी जलस्राव और हाल की बारिश के कारण तटबंधों पर दबाव बना हुआ है। चार विशेष टीमें अलग-अलग इलाकों में भेजी गई हैं और वरिष्ठ अधिकारी स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
