
उत्तर प्रदेश सरकार ने भूतत्व व खनिकर्म विभाग में वरिष्ठ प्रशासनिक नेतृत्व सुनिश्चित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश भूतत्व व खनिकर्म (समूह-‘क’ व ‘ख’) सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली को मंजूरी दे दी गई।
अब सचिव स्तर के अधिकारी होंगे निदेशक
संशोधित नियमावली के अनुसार अब भूतत्व व खनिकर्म विभाग के निदेशक पद पर केवल सचिव स्तर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। इससे पहले यह पद विशेष सचिव स्तर के अधिकारी के लिए निर्धारित था।
सरकार का मानना है कि वरिष्ठ स्तर के प्रशासनिक नेतृत्व से विभाग के कार्यों में बेहतर समन्वय, नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।
अपर निदेशक पद पर भी हुआ बदलाव
कैबिनेट के फैसले के तहत अब विभाग के अपर निदेशक पद पर आईएएस संवर्ग के विशेष सचिव स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। इससे विभाग के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने की कोशिश की गई है।

खान अधिकारी के पदों पर होगी भर्ती
कैबिनेट बैठक में खान अधिकारी के तीन रिक्त पदों पर भर्ती के लिए भी मंजूरी दी गई। इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) को अधियाचन भेजा जाएगा।
इसके साथ ही इन पदों के लिए निर्धारित शैक्षिक योग्यता संबंधी प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।
प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगा बल
सरकार का कहना है कि नियमावली में किए गए इन संशोधनों से भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की प्रशासनिक क्षमता मजबूत होगी। वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति से विभागीय कार्यों की निगरानी, खनन प्रबंधन, नीतिगत निर्णय और प्रशासनिक दक्षता में सुधार की उम्मीद है। वहीं, नए खान अधिकारियों की भर्ती से विभाग में रिक्त पदों को भरने और कार्यक्षमता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
