महागामा में अवैध मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार; बिहार तक हथियार सप्लाई का आरोप

झारखंड के गोड्डा जिले के महागामा थाना क्षेत्र में अवैध मिनी गन फैक्ट्री के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, यहां करीब एक साल से हथियार बनाने का काम चल रहा था और तैयार हथियारों की कथित सप्लाई बिहार तक की जाती थी।
घाट बलिया गांव में मिला अवैध हथियार निर्माण का ठिकाना
मामला महागामा थाना क्षेत्र के घाट बलिया गांव का है। पुलिस के अनुसार, 16 सितंबर 2026 को आर्म्स एक्ट के तहत कांड संख्या 166/26 दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस और बिहार STF की संयुक्त टीम ने घाट बलिया गांव स्थित एक परिसर में छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी, उपकरण, कच्चा माल, अर्धनिर्मित हथियार, देसी राइफल और जिंदा कारतूस सहित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद किए जाने का दावा पुलिस ने किया।
तीन प्राथमिकी अभियुक्त गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, मामले में आगे की जांच और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी मुकेश कुमार के निर्देश पर SDPO महागामा वरुण रजक के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल बनाया गया।
तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई के दौरान 19 सितंबर को पवन कुमार तुरी, प्रीतम कुमार और इंद्रदेव रविदास को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
वाहन भी किया गया जब्त
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी पवन कुमार तुरी की निशानदेही पर अर्धनिर्मित हथियारों के कथित परिवहन में इस्तेमाल किए गए वाहन को भी जब्त किया गया है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियारों का निर्माण किस स्तर पर किया जाता था और उन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।
बिहार में सप्लाई करने का पुलिस का दावा
SDPO वरुण रजक के मुताबिक, आरोपी अन्य लोगों के साथ मिलकर अवैध मिनी गन फैक्ट्री चला रहे थे। पुलिस का दावा है कि यहां तैयार किए जा रहे हथियारों की स्थानीय स्तर पर सप्लाई करने के बजाय उन्हें बिहार भेजा जाता था।
पुलिस के अनुसार, ऐसा कथित तौर पर इसलिए किया जाता था ताकि अवैध हथियार निर्माण और सप्लाई के नेटवर्क का पता आसानी से न चल सके।
पुलिस ने यह भी कहा कि प्रारंभिक जांच में फैक्ट्री के करीब एक साल से संचालित होने की बात सामने आई है। हालांकि, इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और हथियारों की वास्तविक सप्लाई का पूरा विवरण जांच के बाद स्पष्ट होगा।
आरोपी के परिसर से मिले पहचान पत्र और प्रेस बोर्ड
पुलिस के मुताबिक, पवन कुमार तुरी सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों से भी जुड़ा रहा है। छापेमारी के दौरान उसके परिसर से विभिन्न सामाजिक संगठनों में पद दर्शाने वाले पहचान पत्र बरामद किए गए।
पुलिस ने बताया कि इनमें भारतीय सूचना अधिकार रक्षा मंच और गोड्डा मानव अधिकार मिशन के जिला अध्यक्ष जैसे पदों का उल्लेख था। इसके अलावा वाहन से प्रेस लिखा हुआ एक बोर्ड भी बरामद होने की बात कही गई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ECL से जुड़े विभिन्न मामलों में RTI के जरिए जानकारी मांगने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने का दावा करता रहा है। इन गतिविधियों और अवैध हथियार निर्माण के बीच संबंध की भी जांच की जा रही है।

मुंगेर STF की सूचना के बाद हुई थी कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, 16 सितंबर को बिहार के मुंगेर से STF की टीम बरामद हथियारों से जुड़े सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए महागामा थाना पहुंची थी। इसके बाद मुंगेर STF और महागामा पुलिस ने संयुक्त रूप से घाट बलिया गांव में कार्रवाई की।
छापेमारी के दौरान पिस्टल निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी, उपकरण, कच्चा माल, अर्धनिर्मित पिस्टल, देशी राइफल, जिंदा कारतूस और बड़ी मात्रा में स्टील की पट्टियां बरामद होने की बात कही गई।
पुलिस ने मशीनरी समेत अन्य सामान को जेसीबी की मदद से परिसर से निकालकर थाने लाया।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
कार्रवाई में SDPO वरुण रजक, पुलिस निरीक्षक उपेंद्र महतो, महागामा थाना प्रभारी अभिनय आनंद, हनवारा थाना प्रभारी विकास कुमार, SI खालिद अहमद खां सहित पुलिस बल शामिल था।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद सामग्री के आधार पर हथियार निर्माण और कथित सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
महागामा में अवैध मिनी गन फैक्ट्री के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, हथियार निर्माण का यह ठिकाना करीब एक साल से सक्रिय था और हथियारों की कथित सप्लाई बिहार तक की जाती थी। फिलहाल पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चैन की जांच में जुटी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के परिणाम से होगी।
