अंबेडकर प्रतिमा से छेड़छाड़ पर संत समाज का अल्टीमेटम, पंजाब सरकार को एक सप्ताह का समय

पंजाब में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा से कथित छेड़छाड़ के मामलों को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है। धूणा साहिब ट्रस्ट की अगुआई में संत समाज ने आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पंजाब सरकार और प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया है। कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेशभर में धरने-प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है।
संत समाज ने सरकार को दिया एक सप्ताह का समय
अमृतसर में धूणा साहिब ट्रस्ट की अगुआई में संत समाज के प्रतिनिधियों ने अंबेडकर प्रतिमा से कथित छेड़छाड़ के मामले को लेकर पंजाब सरकार और प्रशासन के सामने अपनी मांग रखी। प्रतिनिधियों ने कहा कि मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जानी चाहिए।
संत समाज ने कहा कि सरकार और प्रशासन को कार्रवाई के लिए एक सप्ताह का समय दिया जा रहा है। तय अवधि में गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन को प्रदेश के अलग-अलग जिलों तक ले जाने की चेतावनी दी गई है।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
संत समाज के प्रतिनिधियों ने घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना है कि प्रतिमा से कथित छेड़छाड़ से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और मामले में कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए।
पंजाब में हाल के दिनों में अंबेडकर की प्रतिमाओं से कथित छेड़छाड़ की कई घटनाएं सामने आई हैं। 16 सितंबर को होशियारपुर के बरियां कलां गांव में प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया था। पुलिस के मुताबिक, कुछ अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर प्रतिमा पर पत्थर फेंके, जिससे उसका चेहरा और उठे हुए हाथ की एक उंगली क्षतिग्रस्त हुई। मामले में FIR दर्ज कर CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।

लुधियाना की घटना के बाद भी हुआ था विरोध
इससे पहले 8 सितंबर को लुधियाना के जालंधर बाईपास चौक पर अंबेडकर की प्रतिमा से कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। घटना के विरोध में विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन और बंद का आह्वान किया था। इसके बाद पंजाब के दूसरे हिस्सों में भी विरोध देखने को मिला।
जालंधर में भी विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से बंद का आह्वान किया गया था। प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई थी।
होशियारपुर में BJP-BSP कार्यकर्ताओं में भी झड़प
होशियारपुर के बरियां कलां में अंबेडकर प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने के मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान BJP और BSP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, BJP के पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे, जहां दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ।
इससे साफ है कि प्रतिमा से जुड़े मामलों ने पंजाब में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं।
कार्रवाई नहीं हुई तो जिलों में प्रदर्शन की चेतावनी
संत समाज ने स्पष्ट किया है कि एक सप्ताह के भीतर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को जिला स्तर तक ले जाया जाएगा। इसके तहत पंजाब के अलग-अलग जिलों में धरने और विरोध प्रदर्शन किए जाने की चेतावनी दी गई है।
प्रतिनिधियों ने सरकार और प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही से लोगों में असंतोष बढ़ सकता है।
अंबेडकर प्रतिमा से कथित छेड़छाड़ के मामलों को लेकर पंजाब में विरोध का सिलसिला जारी है। धूणा साहिब ट्रस्ट की अगुआई में संत समाज ने अब सरकार को एक सप्ताह का समय दिया है। फिलहाल प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें हैं। मामले में आरोपितों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
