सोनीपत आंगनबाड़ी के पोषण आहार पर सवाल, एक्सपायरी चॉकलेट और खील में कीड़े मिलने का आरोप

सोनीपत के पांची जाटान गांव में आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों के लिए रखे गए पोषण आहार की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रोटीन मिल्क बार चॉकलेट एक्सपायरी होने और खील में कीड़े मिलने का आरोप लगाया है। पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया।
आंगनबाड़ी के पोषण आहार पर उठे सवाल
मामला पांची जाटान गांव की खत्री चौपाल स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का बताया जा रहा है। यहां बच्चों को बांटने के लिए रखे गए पोषण आहार को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए।
ग्रामीणों का आरोप है कि आहार में शामिल प्रोटीन मिल्क बार चॉकलेट की एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी, जबकि खील में कथित तौर पर कीड़े दिखाई दिए। आहार की स्थिति सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई।
मौके पर पहुंची पुलिस
मामले की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी।
इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। ग्रामीणों की मांग है कि बच्चों को दिए जाने वाले आहार के सैंपल लेकर उसकी गुणवत्ता की जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

चॉकलेट खाने से बच्चे की तबीयत बिगड़ने का दावा
एक महिला ने दावा किया कि उसके बच्चे ने आंगनबाड़ी से मिली चॉकलेट खाई थी, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। महिला के मुताबिक, बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।
हालांकि, बच्चे की तबीयत बिगड़ने और कथित तौर पर चॉकलेट खाने के बीच संबंध की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसकी वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
शिकायतकर्ता पर थाने में शिकायत का आरोप
ग्रामीण संसार ने आंगनबाड़ी वर्कर अनीता पर आरोप लगाया कि जब उन्होंने बच्चों को दिए जाने वाले आहार की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए तो उनके खिलाफ थाने में शिकायत कर दी गई।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के पोषण से जुड़े मामले में शिकायतों की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। हालांकि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों पर उनका पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
सैंपल जांच की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र में रखे पोषण आहार के सैंपल की लैब में जांच कराई जानी चाहिए।
अगर जांच में आहार एक्सपायरी या दूषित पाया जाता है, तो उसके वितरण और भंडारण की जिम्मेदारी तय करने की मांग भी ग्रामीणों ने की है।
बच्चों की सेहत से जुड़ा मामला
आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार का उद्देश्य उनके स्वास्थ्य और पोषण की जरूरतों को पूरा करना है। ऐसे में इसकी गुणवत्ता को लेकर उठी शिकायत को गंभीरता से जांचना जरूरी है।
फिलहाल एक्सपायरी चॉकलेट, खील में कीड़े और बच्चे की तबीयत बिगड़ने से जुड़े दावे जांच का विषय हैं। अब प्रशासनिक जांच और खाद्य सैंपल की रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि आहार में वास्तव में क्या गड़बड़ी थी और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।
