गाजियाबाद में नकली काली मिर्च का खुलासा, मैदा-गोंद से बढ़ा रहे थे दाने; 13.34 लाख का माल जब्त

गाजियाबाद के लोनी में खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में काली मिर्च में कथित मिलावट का बड़ा मामला सामने आया है। टीम ने एक ठिकाने से भारी मात्रा में काली मिर्च के साथ मैदा, गोंद और रिफाइंड सोयाबीन तेल बरामद किया। जब्त सामान की कीमत करीब 13.34 लाख रुपये बताई गई है।
बेहटा हाजीपुर में हुई छापेमारी
मामला लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र के बेहटा हाजीपुर स्थित सेवाधाम के केहर फार्म हाउस का बताया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने यहां कारोबारी लोकेश गुप्ता के ठिकाने पर छापेमारी की।
तलाशी के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में काली मिर्च और उसे तैयार करने में इस्तेमाल की जा रही कथित मिलावटी सामग्री मिली। अधिकारियों ने बरामद सामान को जब्त कर लिया है।
2,000 किलो से ज्यादा काली मिर्च बरामद
कार्रवाई के दौरान करीब 1,200 किलो छोटे दाने वाली काली मिर्च बरामद की गई। इसके अलावा लगभग 975 किलो बड़े और चमकदार दानों वाली काली मिर्च भी मिली।
खाद्य सुरक्षा विभाग अब यह जांच कर रहा है कि बरामद काली मिर्च की गुणवत्ता क्या है और इसे तैयार करने के लिए किन पदार्थों का इस्तेमाल किया जा रहा था।

मैदा और गोंद से दानों का आकार बढ़ाने का आरोप
प्रारंभिक जांच के अनुसार, कम गुणवत्ता वाली काली मिर्च के दानों को मैदा और गोंद की मदद से बड़ा आकार देने का कथित तरीका अपनाया जा रहा था।
इसके बाद दानों पर रिफाइंड सोयाबीन तेल लगाए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि इससे काली मिर्च के दाने चमकदार दिखाई देते थे और देखने में बेहतर गुणवत्ता के लगते थे।
हालांकि, मिलावट की वास्तविक प्रकृति और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि संबंधित जांच और प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद ही होगी।
3,000 किलो मैदा और 900 किलो गोंद मिला
छापेमारी में टीम को करीब 3,000 किलो मैदा और 900 किलो गोंद भी मिला। इसके अलावा रिफाइंड सोयाबीन तेल से भरे 37 कंटेनर बरामद किए गए।
बताया गया है कि प्रत्येक कंटेनर में करीब 15 किलो तेल था। अधिकारियों ने काली मिर्च के साथ इस पूरी सामग्री को भी कब्जे में ले लिया है।
13.34 लाख रुपये का सामान जब्त
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, मौके से बरामद काली मिर्च और उससे संबंधित सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 13.34 लाख रुपये है।
टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर तैयार की जा रही काली मिर्च की सप्लाई कहां-कहां की जाती थी और यह कारोबार कितने समय से चल रहा था।
बाजार में जाने से रोका गया माल
कार्रवाई के बाद बरामद तैयार माल और संबंधित सामग्री को बाजार में पहुंचने से रोक दिया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग नमूने लेकर उनकी जांच करा सकता है, ताकि यह पता चल सके कि उत्पाद खाद्य मानकों के अनुरूप है या नहीं।
मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्ष और संबंधित रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
खाद्य पदार्थों में मिलावट पर फिर उठे सवाल
गाजियाबाद में सामने आए इस मामले ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट की निगरानी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खासकर मसालों में मिलावट की पहचान आम उपभोक्ता के लिए मुश्किल हो सकती है।
ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच और बाजार में नियमित सैंपलिंग की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। फिलहाल लोनी में हुई कार्रवाई के बाद जांच एजेंसियों की नजर कथित सप्लाई नेटवर्क पर भी रहेगी।
