
राहुल गांधी के 19 सितंबर के इंदौर दौरे से पहले उनके ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस और प्रशासन के बीच विवाद सामने आया है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस ने 31 बिंदुओं की सूची जारी की है, जबकि कार्यक्रम स्थल के अतिरिक्त किराये को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच मतभेद हैं।
31 पॉइंट की सुरक्षा सूची से बढ़ा विवाद
राहुल गांधी 19 सितंबर को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे। यह कार्यक्रम रीजनल पार्क के सामने IDA की जमीन पर आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम से पहले पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई शर्तें रखी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा सूची में भीड़ का विवरण, प्रवेश-निकास व्यवस्था, मंच पर आने वाले लोगों की जानकारी और निगरानी जैसे बिंदु शामिल हैं।

वर्मा आयोग की रिपोर्ट का भी हवाला
सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े निर्देशों में राजीव गांधी हत्याकांड की जांच से संबंधित वर्मा आयोग की रिपोर्ट का हवाला दिए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग और एक्सेस कंट्रोल से जुड़ी कमियों पर चर्चा की गई थी।
कांग्रेस की ओर से इस संदर्भ को लेकर सवाल उठाए गए हैं। पार्टी का कहना है कि राहुल गांधी की सुरक्षा में SPG की भूमिका भी है। दूसरी ओर, प्रशासन का पक्ष है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
1,500 वॉलंटियर और CCTV की व्यवस्था
रिपोर्टों के अनुसार, कार्यक्रम में करीब 1,500 वॉलंटियर तैनात करने की शर्त रखी गई है, जिनमें महिलाओं की भी पर्याप्त संख्या शामिल होगी। कार्यक्रम स्थल पर CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की व्यवस्था और उसकी लाइव फीड पुलिस कंट्रोल रूम तक उपलब्ध कराने की बात भी सामने आई है।
इसके अलावा प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग गेट रखने, मंच पर आने वाले लोगों की सूची पहले से पुलिस को देने और आपात स्थिति में भीड़ को सुरक्षित बाहर निकालने की योजना तैयार करने जैसी व्यवस्थाएं भी सुरक्षा प्लान का हिस्सा बताई गई हैं।
कार्यक्रम स्थल के किराये पर भी विवाद
राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए रीजनल पार्क के सामने करीब 12,000 वर्गमीटर सरकारी जमीन अस्थायी लीज पर दी गई है। कांग्रेस ने पहले करीब 10.08 लाख रुपये जमा किए थे।
इसके बाद IDA ने अतिरिक्त 4,03,270 रुपये की मांग की। IDA के मुताबिक, जमीन का करीब 4,800 वर्गमीटर हिस्सा निर्धारित अवधि 17 से 19 सितंबर से पहले, 14 सितंबर से ही इस्तेमाल किया जाना शुरू हो गया था। इसी आधार पर अतिरिक्त शुल्क लगाया गया। अतिरिक्त भुगतान के बाद कुल राशि करीब 14.11 लाख रुपये हो गई।
कांग्रेस ने लगाए प्रशासन पर सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक शर्तों का पालन करने की बात कही है, लेकिन अतिरिक्त भुगतान और अन्य अनुमति संबंधी शर्तों को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस का कहना है कि पार्टी ने निर्धारित राशि पहले ही जमा कर दी थी। वहीं प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जमीन के इस्तेमाल की अवधि और शर्तों के अनुसार अतिरिक्त शुल्क लिया गया है। दोनों पक्षों के दावों के बीच यह मुद्दा राजनीतिक विवाद का हिस्सा बन गया है।
बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों पर दिया जवाब
मध्य प्रदेश सरकार की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कार्यक्रम के लिए आवश्यक अनुमति दी गई है और सुरक्षा से जुड़े प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।
सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि सरकारी जमीन के इस्तेमाल के लिए निर्धारित शुल्क जमा करना सामान्य प्रक्रिया है। वहीं कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम को प्रशासनिक दबाव और राजनीतिक विवाद के रूप में देख रही है।
19 सितंबर को छात्रों से संवाद करेंगे राहुल गांधी
‘छात्रों की गूंज’ राहुल गांधी के छात्र संवाद अभियान का हिस्सा है। आधिकारिक अभियान वेबसाइट के मुताबिक, इंदौर में कार्यक्रम 19 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाना है।
अब सबकी नजर 19 सितंबर के कार्यक्रम पर है। एक तरफ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की तैयारियां चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर जमीन के किराये और सुरक्षा शर्तों को लेकर कांग्रेस-प्रशासन के बीच जारी विवाद ने राहुल गांधी के इंदौर दौरे को राजनीतिक रूप से भी चर्चा में ला दिया है।
