पंजाब में सफाई और सीवरेज कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, 450 से ज्यादा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग

पंजाब के बठिंडा में सफाई और सीवरेज कर्मचारियों ने शनिवार, 19 सितंबर 2026 से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारी नगर निगम कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना है कि यह उनकी पांचवीं हड़ताल है और इस बार ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
पांचवीं बार हड़ताल पर कर्मचारी
कर्मचारियों के मुताबिक, नियमितीकरण समेत उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। उनका आरोप है कि हर बार बातचीत के दौरान मांगें पूरी करने का आश्वासन मिलता है, लेकिन उस पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती।
एक कर्मचारी ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में दावा किया कि कई संविदा कर्मचारी 10 साल से अधिक समय से काम कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें नियमित नहीं किया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा वेतन में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
पंजाब में सफाई कर्मचारियों की नियमितीकरण और वेतन से जुड़ी मांगें पहले भी आंदोलनों का कारण रही हैं। सितंबर में भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सफाई कर्मचारियों से जुड़े विरोध और हड़ताल की खबरें सामने आई थीं।

450 से ज्यादा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग
कर्मचारियों की प्रमुख मांग 450 से अधिक संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की है। उनका कहना है कि जिन कर्मचारियों ने सेवा की निर्धारित अवधि पूरी कर ली है, उन्हें नियमित किया जाना चाहिए।
इसके अलावा कर्मचारी मासिक वेतन बढ़ाने की मांग भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा वेतन महंगाई के दौर में रोजमर्रा के खर्चों के लिए पर्याप्त नहीं है।
रुका वेतन और महंगाई भत्ता जारी करने की मांग
कर्मचारियों की मांगों में रुके हुए वेतन और महंगाई भत्ते का भुगतान भी शामिल है। इसके साथ ही खाली पदों को भरने की मांग की जा रही है।
पंजाब में कर्मचारी संगठनों की ओर से नियमितीकरण, वेतन और लंबित भत्तों को लेकर इस साल कई बार आंदोलन किए गए हैं। राज्य सरकार ने 18 सितंबर को नियमित सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 8 फीसदी DA बढ़ाने की घोषणा भी की थी, हालांकि यह फैसला सफाई एवं सीवरेज कर्मचारियों की इस हड़ताल की सभी मांगों का समाधान नहीं है।
डोर-टू-डोर कचरा उठाने पर पड़ सकता है असर
सफाई और सीवरेज कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर नगर निकायों की सेवाओं पर पड़ सकता है। इनमें डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, सफाई और सीवरेज की देखरेख जैसी सेवाएं शामिल हैं।
पंजाब के अन्य शहरों में भी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान कचरा जमा होने और सीवरेज सेवाओं के प्रभावित होने की स्थिति सामने आ चुकी है।
‘ठोस कार्रवाई के बाद ही खत्म होगी हड़ताल’
कर्मचारियों का कहना है कि वे पहले भी आश्वासनों के बाद हड़ताल खत्म कर चुके हैं, लेकिन मांगों पर ठोस फैसला नहीं हुआ। इसलिए इस बार वे लिखित या प्रभावी कार्रवाई चाहते हैं।
एक कर्मचारी के मुताबिक, जब तक उनकी मांगों को लेकर वास्तविक कदम नहीं उठाया जाता, तब तक हड़ताल जारी रखने का फैसला है।
अब देखना होगा कि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत कब शुरू होती है और क्या किसी समझौते के जरिए हड़ताल खत्म हो पाती है।
बठिंडा में सफाई और सीवरेज कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होने से शहर की नागरिक सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में 450 से अधिक संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, वेतन बढ़ाना, लंबित वेतन-भत्तों का भुगतान और रिक्त पदों को भरना शामिल है।
