
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए हमले के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। घटना के बाद उनके मीडिया सलाहकार ने नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि हमला पूर्व नियोजित था और इसका उद्देश्य सांसद की हत्या करना था। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डीसीपी को दी गई विस्तृत शिकायत
मीडिया सलाहकार जैद की ओर से दी गई शिकायत में दावा किया गया है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चार से पांच लोगों का एक समूह अचानक वहां पहुंचा। आरोप है कि इनमें से कुछ लोग चाकू लेकर आए थे और पहले से बनाई गई साजिश के तहत पप्पू यादव पर हमला करने की कोशिश की गई। शिकायत में इसे हत्या के प्रयास की साजिश बताया गया है।
हमले में सुरक्षाकर्मी भी हुए घायल
शिकायत के अनुसार, मौके पर मौजूद मीडिया कर्मियों और पप्पू यादव के निजी सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला। इस दौरान हमले को रोकने की कोशिश में शिकायतकर्ता जैद और दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा कर्मी समय पर सक्रिय नहीं होते तो गंभीर घटना हो सकती थी।

हत्या के प्रयास का केस दर्ज करने की मांग
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि हमलावरों में से एक व्यक्ति किसी राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत हत्या के प्रयास की धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
दिल्ली पुलिस ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मौके पर मौजूद लोगों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या है पूरा विवाद?
यह विवाद राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर संसद परिसर के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ। पप्पू यादव ने साधु का वेश धारण कर प्रदर्शन किया था, जिस पर भारतीय जनता पार्टी, विश्व हिंदू परिषद और कुछ अन्य संगठनों ने आपत्ति जताई। इसके बाद दिल्ली और वाराणसी सहित कई स्थानों पर उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई गईं। इन्हीं आरोपों पर सफाई देने के लिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह हंगामा हुआ। अब पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
