
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को एक दिवसीय दौरे पर भागलपुर पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद यह उनका पहला भागलपुर दौरा होगा जिसे प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरे में विकास कार्यों की समीक्षा और नई परियोजनाओं की प्रगति को लेकर विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा। मुख्यमंत्री का मुख्य फोकस विक्रमशिला सेतु और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे पर रहेगा जहां वर्तमान में बेली ब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। प्रशासन ने इस दौरे को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की चूक न हो सके।
विक्रमशिला सेतु और विकास परियोजनाओं की समीक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री अपने दौरे की शुरुआत विक्रमशिला सेतु के निरीक्षण से करेंगे जहां क्षतिग्रस्त हिस्से पर चल रहे बेली ब्रिज निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया जाएगा। वे निर्माण एजेंसियों और अधिकारियों से सीधे जानकारी लेंगे और परियोजना की गति को लेकर समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही फोरलेन सेतु निर्माण की स्थिति का भी मूल्यांकन किया जाएगा। इस निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री समाहरणालय पहुंचकर विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। यह कदम क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और कनेक्टिविटी सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों पर होगी बड़ी समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री समीक्षा भवन में आयोजित बैठक में श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करेंगे। इस बैठक में सुरक्षा व्यवस्था यातायात प्रबंधन स्वास्थ्य सेवाएं पेयजल आपूर्ति साफ सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष चर्चा की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएंगे कि आने वाले मेले में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। यह मेला राज्य के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है इसलिए इसकी तैयारियों को लेकर सरकार पूरी तरह सक्रिय है और हर पहलू पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
कड़े सुरक्षा इंतजाम और तय मिनट दर मिनट कार्यक्रम
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर भागलपुर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। हवाई अड्डा से लेकर पूरे काफिले के मार्ग में जगह जगह मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारी तैनात रहेंगे। मुख्यमंत्री का पूरा कार्यक्रम मिनट दर मिनट तय किया गया है जिसमें विक्रमशिला सेतु निरीक्षण से लेकर विभिन्न बैठकों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेना शामिल है। वे लगभग ढाई घंटे तक शहर में रहेंगे और उसके बाद पटना के लिए रवाना हो जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि यह दौरा विकास कार्यों की गति को और तेज करने और क्षेत्रीय योजनाओं की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
