
बिहार सरकार ने राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। अब राज्य के सभी निजी प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरे भी सरकारी निगरानी सिस्टम से जोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके लिए बिहार लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन नियमावली 2026 को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसे सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अनिवार्य होगा CCTV और सुरक्षा उपकरण
नए नियम के तहत दुकानों, अस्पतालों, बैंकों, स्कूल-कॉलेज, धार्मिक स्थलों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा उपकरण लगाना अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि इससे आपराधिक घटनाओं पर नजर रखना आसान होगा और किसी भी घटना की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। साथ ही आम जनता की भागीदारी भी सुरक्षा व्यवस्था में बढ़ेगी, जिससे निगरानी प्रणाली और मजबूत होगी।

पटना में बनेगा ऑटिज्म सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
कैबिनेट ने स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लेते हुए पटना में ऑटिज्म के लिए अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की मंजूरी दी है। यह केंद्र ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों की प्रारंभिक पहचान, उपचार, थेरेपी, प्रशिक्षण और शोध का प्रमुख केंद्र बनेगा। इसके लिए गर्दनीबाग में 4.55 एकड़ भूमि पहले से चिन्हित है, जहां यह अत्याधुनिक संस्थान विकसित किया जाएगा।
कई बड़े फैसलों से राज्य में विकास और प्रशासनिक सुधार की दिशा मजबूत
मंत्रिमंडल ने कई अन्य महत्वपूर्ण फैसलों को भी मंजूरी दी है। मेडिकल कॉलेजों में मरीजों के परिजनों के लिए गेस्ट हाउस बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री पेयजल योजना के लिए 3601 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। साइबर कोषागार के गठन और निगरानी संवर्ग के समायोजन को भी मंजूरी मिली है। इसके अलावा खनिज नियमावली में संशोधन कर ई-नीलामी प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
