
दिल्ली के द्वारका इलाके में हुई गोलीबारी की घटना ने न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि बिहार की राजनीति में भी हलचल मचा दी है। इस मामले में एक पुलिस कांस्टेबल द्वारा बिहार के दो युवकों को गोली मार दी गई थी जिसमें एक युवक की मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। मृतक युवक की पहचान पांडव कुमार के रूप में हुई है जो खगड़िया जिले का रहने वाला था और दिल्ली में काम करता था।
सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान परिवार को 8 लाख रुपये मुआवजा
घटना के बाद सम्राट चौधरी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मृतक के परिवार के लिए 8 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और पीड़ादायक है और सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने यह भी बताया कि 4 लाख रुपये श्रम संसाधन विभाग की ओर से और 4 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई करेगा ताकि दोषियों को सजा मिल सके।

नशे में धुत पुलिसकर्मी पर फायरिंग का आरोप घटना की पूरी कहानी
यह घटना जाफरपुर कलां थाना क्षेत्र में उस समय हुई जब दो युवक एक जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे थे। जानकारी के अनुसार दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात हेड कांस्टेबल नशे की हालत में था और उसने युवकों से भीड़ लगाने को लेकर सवाल किया। बात बढ़ने पर उसने गाली गलौज शुरू कर दी और विरोध होने पर गोली चला दी। इस गोलीबारी में पांडव कुमार की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उनके साथी कृष्ण घायल हो गए। यह घटना देर रात करीब दो बजे की बताई जा रही है जिसने इलाके में दहशत फैला दी।
मृतक की पृष्ठभूमि और पुलिस जांच पर उठे सवाल
मृतक पांडव कुमार खगड़िया जिले के रहने वाले थे और दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में रहकर जोमैटो में डिलीवरी बॉय के रूप में काम करते थे। वे अपने दोस्त के बेटे की जन्मदिन पार्टी में शामिल होने गए थे जहां से लौटते समय यह हादसा हुआ। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं और लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
