
राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने बुधवार को अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के आवास पर ईडी की कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना और प्रतिशोध से प्रेरित है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी दलों को कमजोर करने और राजनीतिक लाभ लेने के लिए कर रही है।
भाजपा पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि कितने नेताओं पर कार्रवाई के बाद उन्हें बाद में भाजपा में शामिल कर सम्मानित पद दिए गए। तेजस्वी ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह जनता को गुमराह करने की कोशिश है।

राजनीतिक नियुक्तियों और भ्रष्टाचार पर भी उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि जिन लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते हैं, उन्हें बाद में सत्ता पक्ष में शामिल कर उच्च पद दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है। तेजस्वी के अनुसार, वीडियो में रिश्वत लेते दिखने वाले लोगों को भी मुख्यमंत्री जैसे पदों पर बिठाया गया है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
रोहिणी आचार्य की गैरहाजिरी और पारिवारिक स्थिति
इस बीच, लालू परिवार के निजी कार्यक्रम में भी राजनीतिक हलचल देखने को मिली। तेजस्वी यादव अपने परिवार के साथ दिल्ली में थे, जहां गाजियाबाद स्थित रागिनी यादव के फार्म हाउस पर उनके बेटे इराज का पहला जन्मदिन मनाया गया। इस समारोह में लालू प्रसाद यादव सहित पूरा परिवार मौजूद था, लेकिन रोहिणी आचार्य की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही। बताया जा रहा है कि आंतरिक मतभेदों के कारण वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं।
