
पंजाब में लगातार बढ़ती महंगाई और डीजल की ऊंची कीमतों के बीच प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने जनता को राहत देते हुए एक अहम फैसला लिया है। पंजाब मोटर यूनियन प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने साफ कहा है कि वे फिलहाल बस किराए में किसी भी तरह की बढ़ोतरी नहीं करेंगे। यूनियन का कहना है कि आम जनता पहले से ही महंगाई के बोझ तले दबी हुई है और ऐसे समय में किराया बढ़ाना सही कदम नहीं होगा। हालांकि ऑपरेटरों ने सरकार से मोटर व्हीकल टैक्स में राहत देने की मांग जरूर उठाई है ताकि उनके बढ़ते खर्चों का कुछ संतुलन बन सके।
बढ़ती लागत के बावजूद किराया नहीं बढ़ाने का निर्णय
यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार डीजल, मेंटेनेंस, स्पेयर पार्ट्स और अन्य परिचालन खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे बस कारोबार पर भारी दबाव है। इसके बावजूद ऑपरेटरों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि वे जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डालेंगे। उनका कहना है कि यह फैसला सामाजिक जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। यूनियन का मानना है कि अगर किराया बढ़ाया गया तो इसका सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ेगा और पहले से परेशान जनता की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।

सरकार से राहत और बैठक की मांग तेज
बस ऑपरेटरों ने बताया कि उन्होंने परिवहन विभाग के सचिव वरुण रोजम से मुलाकात कर अपनी समस्याएं सामने रखी हैं। बैठक के दौरान उन्होंने बस कारोबार से जुड़े आर्थिक दबाव और लगातार घटती आमदनी की जानकारी दी। यूनियन ने मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के साथ भी जल्द बैठक कराने की मांग की है ताकि इस पूरे मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हो सके। उनका कहना है कि राज्य में करीब 2500 बड़ी प्राइवेट बसें और 5000 मिनी बसें चल रही हैं, जिनसे हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है।
मुफ्त बस सेवा योजना का प्राइवेट सेक्टर पर असर
प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने यह भी आरोप लगाया कि महिलाओं के लिए शुरू की गई मुफ्त बस यात्रा योजना का सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ा है। उनके अनुसार अब अधिकतर महिलाएं सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा करना पसंद कर रही हैं, जिससे प्राइवेट बसों में यात्रियों की संख्या में गिरावट आई है। इससे उनकी आय में भारी कमी दर्ज की गई है। यूनियन ने सरकार से मांग की है कि मोटर व्हीकल टैक्स में राहत दी जाए ताकि निजी परिवहन व्यवस्था को आर्थिक संकट से बचाया जा सके। फिलहाल ऑपरेटरों को सरकार से सकारात्मक फैसले की उम्मीद है।
