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अयोध्या पहुंचे केजरीवाल, राम मंदिर FIR पर उठाए बड़े सवाल

रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचे आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि दर्ज की गई एफआईआर केवल औपचारिक कार्रवाई है और पूरे मामले में बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

रामलला के दर्शन के बाद दिया बड़ा बयान

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना की। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी मामले पर सवाल उठाए और जांच की निष्पक्षता पर टिप्पणी की।

‘एफआईआर केवल दिखावा है’

केजरीवाल ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर कथित वित्तीय अनियमितता केवल जूनियर कर्मचारियों के बूते संभव नहीं हो सकती। उनके मुताबिक, इस मामले में दर्ज एफआईआर महज एक औपचारिक कार्रवाई है और इसका उद्देश्य वास्तविक जिम्मेदार लोगों को बचाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले का दोष निचले स्तर के कर्मचारियों पर डालने की कोशिश की जा रही है।

अयोध्या पहुंचे केजरीवाल, राम मंदिर FIR पर उठाए बड़े सवाल

किन लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर?

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव, मनीष कुमार यादव और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर की गई।

एसआईटी जांच के बाद हुई कार्रवाई

राम मंदिर में कथित दान और चढ़ावा चोरी के आरोप सामने आने के बाद ट्रस्ट ने विशेष जांच की मांग की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया। जांच टीम में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को शामिल किया गया। एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी, जिसमें कठोर कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।

राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज

केजरीवाल के बयान के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। विपक्ष लगातार पूरे प्रकरण की व्यापक और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि जांच एजेंसियां मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही हैं। आने वाले दिनों में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया इस मामले की दिशा तय कर सकती है।

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