
दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में जारी टकराव अब राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया है। अमित शाह के जवाब देने की तैयारी के बीच AAP सांसद संजय सिंह ने सवाल उठाया कि जब विपक्ष लगातार जवाब मांग रहा था, तो सरकार ने पहले चर्चा क्यों नहीं होने दी।
अमित शाह के बयान पर संजय सिंह का पलटवार
संसद के मानसून सत्र के अंतिम चरण में छात्र प्रदर्शन को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार हैं। उनके इस बयान पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
संजय सिंह का कहना है कि सत्र का आखिरी दिन नजदीक आने के बाद अमित शाह का जवाब देने के लिए तैयार होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ने दी। हालांकि, ये विपक्ष के आरोप हैं और सरकार का कहना है कि वह चर्चा के लिए तैयार रही है।
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर क्या है विवाद?
विपक्ष दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री से जवाब मांग रहा है। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि राजधानी में बड़ी संख्या में छात्रों पर बल प्रयोग किया गया और करीब 500 छात्रों के खिलाफ पैलेट गन के इस्तेमाल का दावा किया।
उन्होंने बिहार में छात्रों पर लागू की गई पाबंदियों का भी मुद्दा उठाया। विपक्ष इन घटनाओं पर सरकार से स्पष्टीकरण चाहता है और संसद में विस्तृत चर्चा की मांग कर रहा है।

शाह बोले- मैं संसद में नियमित आ रहा हूं
अमित शाह ने विपक्ष के उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें उनकी संसद में मौजूदगी पर सवाल उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि संसद सत्र शुरू होने के बाद से वह नियमित रूप से संसद आ रहे हैं और अपने कक्ष में बैठते हैं।
शाह ने कहा कि जब विपक्ष दोनों सदनों की कार्यवाही नहीं चलने देता तो चर्चा कैसे होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। हाल के दिनों में संसद में गतिरोध को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज हुए हैं।
NEET प्रदर्शन पर भी चर्चा को तैयार सरकार
गृह मंत्री ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार NEET से जुड़े विरोध-प्रदर्शनों के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। शाह के मुताबिक, चर्चा का समय तय करने और विपक्ष को तैयारी का अवसर देने की बात भी रखी गई है।
राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेताओं ने भी छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री के बयान की मांग की है।
आखिरी दिन पर टिकी नजर
अब संसद के अंतिम दिन की कार्यवाही पर सबकी नजर है। विपक्ष चाहता है कि छात्र आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई पर सरकार जवाब दे, जबकि सरकार का कहना है कि वह चर्चा से पीछे नहीं हट रही।
संजय सिंह का सवाल राजनीतिक रूप से सीधा है—अगर सरकार चर्चा के लिए तैयार थी, तो गतिरोध इतने दिनों तक क्यों चला? वहीं सत्ता पक्ष की दलील है कि चर्चा के लिए सदन का चलना भी जरूरी है।
जवाब हुआ तो क्या बदलेगा?
संसद में गृह मंत्री का जवाब आने के बाद यह साफ हो सकता है कि दिल्ली के छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई पर सरकार का आधिकारिक पक्ष क्या है। लेकिन उससे भी बड़ा सवाल संसद की कार्यवाही को लेकर है।
लोकतंत्र में विरोध और जवाब, दोनों की अपनी जगह है। अब असली परीक्षा यह होगी कि राजनीतिक आरोपों से आगे बढ़कर क्या सदन में छात्रों के सवालों पर तथ्यात्मक और जिम्मेदार चर्चा हो पाती है।
