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गुरुग्राम को अक्टूबर के पहले सप्ताह में मिलेंगी 40 इलेक्ट्रिक बसें, इन रूटों पर दौड़ेंगी

साइबर सिटी गुरुग्राम में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में शहर को पहले चरण में 40 इलेक्ट्रिक बसें मिलने की उम्मीद है। इन बसों के लिए कई रूट निर्धारित किए जा चुके हैं। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के साथ प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

अक्टूबर में शुरू हो सकता है इलेक्ट्रिक बसों का संचालन

गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन सिटी बस लिमिटेड (GMCBL) के सीईओ विश्वजीत चौधरी के मुताबिक, अक्टूबर के पहले सप्ताह में गुरुग्राम को 40 इलेक्ट्रिक बसें मिलने की उम्मीद है। इन बसों के संचालन के लिए रूट भी तय किए जा चुके हैं।

इससे पहले अगस्त में गुरुग्राम में एक इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल किया गया था। ट्रायल के बाद अब बड़े स्तर पर इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

सेक्टर-10 और सेक्टर-48 डिपो तैयार

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए सेक्टर-10 और सेक्टर-48 स्थित बस डिपो में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। इन डिपो से बसों के संचालन और चार्जिंग से जुड़ी व्यवस्थाएं की जाएंगी।

योजना के अनुसार गुरुग्राम और फरीदाबाद में कुल 200 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जानी हैं। इनमें शुरुआती चरण में गुरुग्राम को 40 बसें मिलने की उम्मीद है।

गुरुग्राम को अक्टूबर के पहले सप्ताह में मिलेंगी 40 इलेक्ट्रिक बसें, इन रूटों पर दौड़ेंगी

40 से 42.8 किलोमीटर लंबे होंगे प्रमुख रूट

इलेक्ट्रिक बसों के लिए शहर और रीजनल कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। इन रूटों की लंबाई करीब 40 से 42.8 किलोमीटर तक बताई गई है।

रीजनल रूट में आईएमटी मानेसर सेक्टर-1 से द्वारका मोड़ और द्वारका सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशन तक बस सेवा प्रस्तावित है। इसके अलावा गुरुग्राम बस स्टैंड से करोल बाग और बल्लभगढ़ बस स्टैंड तक भी बसें चलाने की योजना है।

चार श्रेणियों में बांटे गए हैं रूट

प्रस्तावित योजना के तहत कुल 100 बसों को 20 रूटों पर चलाने की योजना बनाई गई है। इन रूटों को चार श्रेणियों में बांटा गया है।

ट्रंक रूट पर 34 बसें, प्राइमरी रूट पर 36, सेकेंडरी रूट पर 20 और रीजनल रूट पर 20 बसें प्रस्तावित हैं।

ट्रंक रूट में सेक्टर-2 से घाटा गांव-सेक्टर-56, गुरुग्राम बस स्टैंड से एम्स बाढ़सा, सोहना बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन और मानेसर से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन जैसे मार्ग शामिल हैं।

मेट्रो और रेलवे स्टेशनों तक मिलेगी कनेक्टिविटी

प्राइमरी रूटों के जरिए शहर के प्रमुख मेट्रो और रेलवे कनेक्शन को मजबूत करने की योजना है। गुरुग्राम बस स्टैंड से फरुखनगर, भोंडसी जेल, सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-55-56 मेट्रो स्टेशन और इफको चौक मेट्रो स्टेशन से बादशाहपुर तक बस सेवा प्रस्तावित है।

इसके अलावा गुरु द्रोणाचार्य मेट्रो स्टेशन से गुरुग्राम बस स्टैंड, महावीर चौक और गोशाला मैदान होते हुए बस सेवा चलाने की योजना है। मानेसर सेक्टर-7 से साइबर सिटी तक भी इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी।

नए सेक्टरों और पालम विहार को भी जोड़ा जाएगा

सेकेंडरी रूटों में गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से राजीव चौक, गुरुग्राम बस स्टैंड से महावीर चौक और गोशाला मैदान होते हुए पालम विहार तक बस सेवा प्रस्तावित है।

इसके अलावा सेक्टर-10 से गुरुग्राम बस स्टैंड और सेक्टर-104 से हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन तक भी इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है। इससे तेजी से विकसित हो रहे नए सेक्टरों को सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिल सकती है।

मौजूदा बस बेड़े में भी होगा इजाफा

फिलहाल GMCBL की 150 बसें गुरुग्राम और 50 बसें फरीदाबाद में संचालित हो रही हैं। ये सभी लो-फ्लोर CNG आधारित बसें हैं।

इलेक्ट्रिक बसों के जुड़ने से सार्वजनिक परिवहन के बेड़े में नई तकनीक वाली बसों की संख्या बढ़ेगी। साथ ही, मेट्रो स्टेशन, रेलवे स्टेशन, साइबर सिटी, मानेसर और शहर के नए सेक्टरों के बीच कनेक्टिविटी को विस्तार मिलने की उम्मीद है।

प्रदूषण कम करने पर भी जोर

इलेक्ट्रिक बसों का सबसे बड़ा संभावित फायदा इनके संचालन के दौरान स्थानीय स्तर पर उत्सर्जन में कमी होना है। गुरुग्राम जैसे तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने से स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिल सकता है।

हालांकि, वास्तविक प्रभाव बसों की संख्या, संचालन की नियमितता, यात्रियों की संख्या और चार्जिंग व्यवस्था की दक्षता पर निर्भर करेगा।

गुरुग्राम में 40 इलेक्ट्रिक बसों के आने से शहर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में महत्वपूर्ण विस्तार की योजना है। सेक्टर-10 और सेक्टर-48 डिपो को तैयार किया जा चुका है और मेट्रो, रेलवे स्टेशन, मानेसर, पालम विहार तथा नए सेक्टरों को जोड़ने वाले कई रूट प्रस्तावित हैं। अक्टूबर के पहले सप्ताह में बसों की उपलब्धता के बाद इनके संचालन की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

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