भूपेंद्र हुड्डा का नया अभियान, बोले- जनता की इजाजत मिली तो BJP के खिलाफ पूरे हरियाणा में संघर्ष

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 से अपने विधानसभा क्षेत्र गढ़ी सांपला-किलोई में गांव-गांव संपर्क अभियान शुरू किया। पहले दिन उन्होंने ब्राह्मणवास, बसंतपुर, धमड़, रिठाल, कन्ही, जासिया, घिलौर खुर्द और घिलौर कलां समेत कई गांवों में लोगों से मुलाकात की।
इन बैठकों में हुड्डा ने स्थानीय लोगों से अपने भविष्य के राजनीतिक कदम को लेकर राय मांगी। उनका यह दौरा केवल अपने विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहने वाला है। तय कार्यक्रम के अनुसार वह 4 अक्टूबर तक क्षेत्र के करीब 50 गांवों में संपर्क करेंगे।
‘जनता ही मेरी वास्तविक ताकत’
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए हुड्डा ने कहा कि जनता उनकी वास्तविक ताकत है और कोई भी बड़ा राजनीतिक कदम उठाने से पहले वह लोगों से सलाह लेना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर जनता उन्हें अनुमति देती है तो वह पूरे हरियाणा में भाजपा के खिलाफ संघर्ष शुरू करना चाहते हैं। बैठकों में मौजूद लोगों ने उनके इस प्रस्ताव पर समर्थन जताया।
हुड्डा ने यह भी कहा कि पहले वह अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों से संवाद करेंगे और इसके बाद पूरे प्रदेश में जाने की योजना है।
2024 की हार के बाद संगठन पर फोकस
हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस 2024 विधानसभा चुनाव की निराशा को पीछे छोड़कर नई राजनीतिक लड़ाई की तैयारी कर रही है। उनके मुताबिक पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए ब्लॉक स्तर पर कार्यकर्ताओं की बैठकें लगातार की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से भविष्य की राजनीतिक दिशा पर चर्चा करना भी जरूरी है।
इस अभियान में स्थानीय मुद्दों के साथ कांग्रेस संगठन की गतिविधियों और राज्य सरकार की नीतियों पर भी लोगों से संवाद किया जा रहा है।

2024 में BJP ने 48 सीटें जीती थीं
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में भाजपा ने 90 में से 48 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को 37 सीटें मिली थीं। इसके बाद भाजपा ने राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाई।
हालांकि, यह भी महत्वपूर्ण है कि राज्य में कांग्रेस के प्रदर्शन के बावजूद भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपनी गढ़ी सांपला-किलोई सीट बरकरार रखी थी। 2024 के चुनाव में उन्होंने भाजपा की मंजू को 71,465 मतों के अंतर से हराया था।
इसलिए हुड्डा का मौजूदा अभियान राज्य में कांग्रेस संगठन और राजनीतिक गतिविधियों को दोबारा सक्रिय करने के संदर्भ में देखा जा रहा है।
गांवों में लोगों से सीधे संवाद
हुड्डा के कार्यक्रम का एक प्रमुख हिस्सा सीधे ग्रामीणों से संवाद करना है। पहले दिन उन्होंने अलग-अलग गांवों में बैठकें कीं और स्थानीय लोगों की बात सुनी।
आने वाले दिनों में भी उनका कार्यक्रम कई गांवों में जाने का है। 24 से 28 सितंबर और फिर 3-4 अक्टूबर तक अलग-अलग गांवों में सभाएं प्रस्तावित हैं।
इस दौरान स्थानीय समस्याओं के साथ राज्य की राजनीतिक स्थिति और कांग्रेस की आगे की रणनीति पर भी चर्चा की जा रही है।
BJP सरकार पर लगाए आरोप
अपने संबोधनों में हुड्डा ने भाजपा सरकार की नीतियों और कामकाज पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने बेरोजगारी, अपराध और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर सरकार की आलोचना की।
उन्होंने 2024 के विधानसभा चुनावों में कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर भी आरोप लगाए हैं। ये हुड्डा और कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
आगे पूरे हरियाणा में जाने की बात
हुड्डा ने संकेत दिया है कि मौजूदा गांव-गांव अभियान के बाद वह अपने राजनीतिक संपर्क को पूरे हरियाणा तक ले जाना चाहते हैं। फिलहाल उनका पहला चरण गढ़ी सांपला-किलोई विधानसभा क्षेत्र पर केंद्रित है।
उनका कहना है कि लोगों की राय और समर्थन के आधार पर आगे की राजनीतिक दिशा तय की जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में उनके गांव संपर्क अभियान और कांग्रेस के संगठनात्मक कार्यक्रमों पर नजर रहेगी।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 2024 विधानसभा चुनाव के बाद अपने राजनीतिक संपर्क को नए सिरे से बढ़ाने की शुरुआत अपने विधानसभा क्षेत्र से की है। गांव-गांव जाकर जनता से राय लेने और संगठन को मजबूत करने पर उनका जोर है। अब यह अभियान आगे किस रूप में पूरे हरियाणा तक पहुंचता है, यह आने वाले कार्यक्रमों से स्पष्ट होगा।
