मुकेश सहनी का CEC ज्ञानेश कुमार पर विवादित बयान, SIR को लेकर साधा निशाना

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। इसी बीच विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी की है। सहनी ने कहा कि अगर उन्हें एक हत्या की माफी मिलती तो वह ज्ञानेश कुमार को गोली मार देते। उनका यह बयान 24 सितंबर 2026 को सामने आया।
चुनाव जनता के लिए होता है- सहनी
मुकेश सहनी ने कहा कि देश में चुनाव किसी नेता के लिए नहीं, बल्कि जनता के लिए होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में जनता के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। सहनी ने कहा कि चुनाव में जनता का पैसा खर्च होता है और इसलिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा लोगों के अधिकारों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
संविधान और युवाओं का भी किया जिक्र
सहनी ने अपने बयान में संविधान और देश की आजादी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह संविधान को मानने वाले लोग हैं और देश के लोकतांत्रिक ढांचे की रक्षा जरूरी है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कोई अंग्रेजों जैसी कार्यप्रणाली अपनाएगा तो देश के नौजवान चुप नहीं बैठेंगे।
हालांकि, ज्ञानेश कुमार को गोली मारने वाला उनका बयान हिंसक भाषा का इस्तेमाल करता है और इसे उनके राजनीतिक वक्तव्य के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

SIR और चुनाव आयोग पर क्या कहा?
सहनी ने SIR को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनाव आयोग के भीतर SIR से जुड़े फैसलों को लेकर कथित आपत्तियों की खबरों पर राजनीतिक विवाद चल रहा है।
हालांकि चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों के बाद स्पष्ट किया है कि बहुसदस्यीय आयोग में विचारों में अंतर होना आंतरिक प्रक्रिया का हिस्सा है और SIR सहित सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
बिहार की कानून-व्यवस्था पर भी हमला
VIP प्रमुख ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि राज्य में अपराधियों के बीच पुलिस और प्रशासन का पर्याप्त भय नहीं है। सहनी ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए पुलिस कार्रवाई की तुलना बिहार से की और कहा कि कानून का इस्तेमाल जाति देखकर नहीं होना चाहिए।
जनता से अधिकारों के प्रति जागरूक होने की अपील
मुकेश सहनी ने बिहार की जनता से अपने अधिकारों को लेकर जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा आवश्यक है।
SIR को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच मुकेश सहनी का बयान अब चर्चा का केंद्र बन गया है। एक ओर सहनी ने चुनाव आयोग और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए, वहीं उनके CEC को गोली मारने वाले बयान ने बयानबाजी की तीव्रता को और बढ़ा दिया है। इस पूरे विवाद में चुनाव आयोग का पक्ष भी महत्वपूर्ण है, जिसने SIR से जुड़े फैसलों को सर्वसम्मति से लिया गया बताया है।
