
UTTAR PARDESH NEWS(Globl times): उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अभी से अपनी तैयारी तेज कर दी है। इस बार प्रियंका गांधी यूपी चुनाव रणनीति को आगे बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी संभालती नजर आ रही हैं। पार्टी की कोशिश है कि समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन को मजबूत किया जाए और सीटों के बंटवारे से लेकर चुनाव प्रचार तक हर काम समय रहते पूरा कर लिया जाए।
दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बड़ी रैली खत्म होने के बाद प्रियंका गांधी ने अपना पूरा ध्यान उत्तर प्रदेश की राजनीति पर लगा दिया है। उन्होंने अपने आवास पर यूपी कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ बैठक की। इस बैठक में प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद समेत कई नेता शामिल हुए।
बैठक में तय हुआ कि दिवाली के बाद चुनाव की तैयारी के लिए चार बड़ी कमेटियां बनाई जाएंगी। इनमें घोषणा पत्र समिति, चुनाव प्रबंधन समिति, विधानसभा प्रचार समिति और गठबंधन समन्वय समिति शामिल हैं। इन समितियों के जरिए पार्टी अलग अलग जिम्मेदारियां नेताओं को सौंपेगी। नामों को अंतिम मंजूरी के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पास भेजा जाएगा।
इस पूरी तैयारी में सबसे अहम मामला समाजवादी पार्टी के साथ सीटों का बंटवारा है। कांग्रेस चाहती है कि अखिलेश यादव के साथ बातचीत करके ऐसी सीटों पर सहमति बनाई जाए जहां गठबंधन के उम्मीदवार की जीत की संभावना ज्यादा हो। इसके लिए प्रियंका गांधी खुद अखिलेश यादव से बातचीत की जिम्मेदारी संभाल सकती हैं।
गौर करने वाली बात है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी जब दोनों पार्टियों के बीच सीटों को लेकर बात अटक गई थी तब प्रियंका गांधी ने आगे बढ़कर बातचीत की थी और रास्ता निकाला था। कांग्रेस को उम्मीद है कि इस बार भी उनका अनुभव काम आएगा।
चुनाव प्रचार को लेकर भी पार्टी ने बड़ा प्लान बनाया है। यूपी के पूर्वांचल, अवध, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चार बड़ी रैलियां करने की तैयारी है। राहुल गांधी और दूसरे बड़े नेताओं के कार्यक्रम भी तय किए जाएंगे।
कुल मिलाकर कांग्रेस अब यूपी में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश में जुट गई है। आने वाले दिनों में सपा के साथ सीटों को लेकर होने वाली बातचीत तय करेगी कि 2027 की लड़ाई में दोनों दल किस तरह साथ उतरते हैं।
