
Ayodhya News(Globl times): अयोध्या दीपोत्सव को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव सिर्फ दीप जलाने और रोशनी करने का आयोजन नहीं है बल्कि इसके जरिए समाज को एक साथ जोड़ने का काम भी होता है। सीएम योगी के मुताबिक यह उत्सव लोगों को जाति और भेदभाव से ऊपर उठकर एक दूसरे के साथ खड़े होने की सीख देता है।
मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव के सामाजिक महत्व पर बात करते हुए बताया कि भारत की संस्कृति हमेशा से लोगों को जोड़ने वाली रही है। यहां अलग अलग जाति और समाज के लोग अपनी परंपराओं के साथ रहते आए हैं। ऐसे में त्योहार और धार्मिक आयोजन लोगों को एक दूसरे के करीब लाने का काम करते हैं।
योगी आदित्यनाथ का कहना है कि जब लोग मिलकर किसी आयोजन का हिस्सा बनते हैं तो उनके बीच आपसी मेलजोल बढ़ता है। एक दूसरे के साथ काम करने और खुशियां बांटने से समाज में अपनापन मजबूत होता है। दीपोत्सव भी इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला आयोजन है।
अयोध्या में होने वाला यह आयोजन देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुका है। हर साल बड़ी संख्या में लोग इस उत्सव को देखने और इसमें शामिल होने के लिए पहुंचते हैं। दीपों की रोशनी के साथ यहां भारतीय संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिलती है।
सीएम योगी ने दीपोत्सव के जरिए यह समझाने की कोशिश की कि समाज की असली ताकत आपसी एकता में है। अगर लोग जाति और दूसरे भेदभाव को पीछे छोड़कर एक साथ आगे बढ़ेंगे तो समाज और मजबूत बनेगा।
अयोध्या दीपोत्सव का संदेश भी यही है कि खुशियां बांटने और एक दूसरे का साथ देने से समाज में भाईचारा बढ़ता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन को इसी नजरिए से सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जुड़ाव का माध्यम बताया है।
