2 अक्टूबर को तावडू आएंगे भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस ने तेज की रैली की तैयारी

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के 2 अक्टूबर को तावडू आगमन को लेकर पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गांधी जयंती के अवसर पर प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर बुधवार को तावडू में खंड स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन का नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस चेयरमैन राजेश सहरावत ने किया।
गांधी जयंती हर वर्ष 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती के रूप में मनाई जाती है। 2026 में भी यह अवसर शुक्रवार को है।
कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे कांग्रेस नेता
सम्मेलन में कांग्रेस प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र भारद्वाज और गुरुग्राम ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष वर्धन यादव मुख्य रूप से शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं का स्वागत किया और हुड्डा के प्रस्तावित कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिया।
वर्धन यादव ने कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने और संगठन को मजबूत करने की अपील की। सम्मेलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, समर्थक और युवा मौजूद रहे।
भाजपा सरकार पर क्षेत्र की अनदेखी का आरोप
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जितेंद्र भारद्वाज ने भाजपा सरकार और स्थानीय विधायक पर तावडू की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र विकास के मामले में पिछड़ गया है।
भारद्वाज ने विशेष रूप से सोहना-तावडू सड़क की स्थिति और लगातार लगने वाले जाम का मुद्दा उठाया। उनके मुताबिक इन समस्याओं के कारण स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ये आरोप कांग्रेस नेता के राजनीतिक बयान हैं।

तावडू के विकास को लेकर कांग्रेस का दावा
जितेंद्र भारद्वाज ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तावडू में विकास कार्यों के लिए बड़ी राशि स्वीकृत की गई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर क्षेत्र में विकास को फिर गति देने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और स्थानीय मुद्दों को जनता के बीच उठाने का आह्वान किया।
तावडू की राजनीतिक स्थिति भी चर्चा में
तावडू नूंह जिले में स्थित है, जबकि यह सोहना विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है। सम्मेलन में कांग्रेस नेताओं ने इसी प्रशासनिक और राजनीतिक स्थिति का हवाला देते हुए क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे उठाए।
आगामी कार्यक्रम को कांग्रेस के लिए स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के अवसर के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि, रैली में हुड्डा का मुख्य राजनीतिक संदेश क्या होगा, यह उनके संबोधन के बाद ही स्पष्ट होगा।
2 अक्टूबर के कार्यक्रम पर टिकी नजर
अब कांग्रेस का फोकस 2 अक्टूबर के कार्यक्रम की तैयारियों पर है। पार्टी कार्यकर्ताओं को आयोजन में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी जा रही है।
तावडू में सड़क, जाम और विकास जैसे स्थानीय मुद्दों को लेकर कांग्रेस पहले ही अपना पक्ष सामने रख चुकी है। ऐसे में हुड्डा के दौरे के दौरान इन मुद्दों के साथ संगठन और आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रस्तावित तावडू दौरे से पहले कांग्रेस ने स्थानीय संगठन को सक्रिय करना शुरू कर दिया है। कार्यकर्ता सम्मेलन में क्षेत्रीय विकास और सड़क जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। अब 2 अक्टूबर को हुड्डा के संबोधन पर राजनीतिक और स्थानीय मुद्दों को लेकर सबकी नजर रहेगी।
