लखनऊ में BJP कार्यालय में घुसे 68,500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थी, जमीन पर लेटकर किया प्रदर्शन

लखनऊ में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने गुरुवार, 24 सितंबर को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पहुंचकर प्रदर्शन किया। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 50 अभ्यर्थी कार्यालय परिसर में पहुंचे और वहीं विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने जमीन पर लेटकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया।
अभ्यर्थियों के इस प्रदर्शन के चलते भाजपा कार्यालय परिसर में कुछ समय के लिए हलचल की स्थिति रही। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को परिसर से बाहर निकाला।
सीटी बजाकर और जमीन पर लेटकर विरोध
प्रदर्शन का तरीका भी चर्चा में रहा। अभ्यर्थियों ने जमीन पर लेटकर नारे लगाए और लगातार सीटी बजाकर विरोध दर्ज कराया। करीब आधे घंटे तक परिसर में नारेबाजी और प्रदर्शन चलता रहा।
प्रदर्शनकारी अपने साथ तख्तियां लेकर पहुंचे थे। इनमें आरक्षण से जुड़े सवाल उठाए गए थे। एक तख्ती पर लिखा था कि ‘आरक्षण घोटाले पर पिछड़ी जाति के नेता चुप क्यों हैं?’

‘आरक्षण घोटाला’ लिखी टोपी पहनकर पहुंचे
कई अभ्यर्थियों ने सिर पर ऐसी टोपियां पहन रखी थीं, जिन पर ‘आरक्षण घोटाला’ लिखा था। इस प्रदर्शन के जरिए अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण से जुड़ी अपनी आपत्तियों को सामने रखा।
यह पहली बार नहीं है जब 68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने इसी मुद्दे को लेकर विरोध किया हो। इससे पहले सितंबर में अभ्यर्थी बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के अलीगढ़ स्थित आवास पर भी प्रदर्शन कर चुके हैं।
क्या है 68,500 शिक्षक भर्ती का विवाद?
68,500 सहायक शिक्षक भर्ती-2018 से जुड़े आरक्षण और पात्रता के मुद्दे लंबे समय से उठते रहे हैं। हालिया प्रदर्शनों में अभ्यर्थियों ने ओबीसी समेत आरक्षित वर्गों से संबंधित विसंगतियों को दूर करने, संशोधित परिणाम जारी करने और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की है।
सितंबर में अलीगढ़ में हुए प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने ओबीसी, दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्रेणी से जुड़े आरक्षण लाभ की मांग उठाई थी।
OBC अभ्यर्थियों को लेकर आयोग की सिफारिश
इस मामले में उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने जून 2026 की बैठक के बाद 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में ओबीसी अभ्यर्थियों को पांच प्रतिशत अर्हता अंक की छूट देने की सिफारिश की थी। आयोग ने बेसिक शिक्षा विभाग से परिणाम संशोधित करने की भी बात कही थी।
इसके बाद अभ्यर्थी लगातार सरकार और विभाग से इस मुद्दे पर निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं।
मंत्री के आवास पर भी हो चुका है प्रदर्शन
19 से 21 सितंबर के बीच 68,500 भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों ने अलीगढ़ में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के आवास पर धरना दिया था। प्रदर्शनकारियों ने लंबित नियुक्तियों और आरक्षण संबंधी मांगों को लेकर विरोध किया था। 21 सितंबर को मंत्री के प्रवक्ता की ओर से 25 सितंबर को लखनऊ में होने वाली विभागीय बैठक में मामले पर विचार किए जाने की जानकारी दिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ था।
अब भाजपा कार्यालय पहुंचा आंदोलन
लखनऊ में भाजपा प्रदेश कार्यालय तक पहुंचा यह प्रदर्शन बताता है कि 68,500 शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर लगातार अलग-अलग स्तरों पर दबाव बना रहे हैं। गुरुवार के प्रदर्शन में जमीन पर लेटना, सीटी बजाना और ‘आरक्षण घोटाला’ लिखी टोपी पहनना उनके विरोध के प्रमुख तरीके रहे।
अब नजर 25 सितंबर को प्रस्तावित विभागीय बैठक पर है, जहां इस भर्ती से जुड़े आरक्षण और नियुक्ति संबंधी मुद्दों पर आगे की कार्रवाई पर चर्चा होनी है।
